केंद्र सरकार जीएसटी नियमों के बदलाव के लिए बनाए कमेटी

केंद्र सरकार जीएसटी नियमों के बदलाव के लिए बनाए कमेटी

जीएसटी नियमों में करीब एक हजार संशोधन होने के बाद न तो सरकार संतुष्ट है अथवा न ही व्यापारी वर्ग। इस कारण जीएसटी प्रक्रिया दिशाहीन होती जा रही है।

JagranFri, 26 Feb 2021 02:00 PM (IST)

संवाद सहयोगी, अमृतसर : जीएसटी नियमों में करीब एक हजार संशोधन होने के बाद न तो सरकार संतुष्ट है अथवा न ही व्यापारी वर्ग। इस कारण जीएसटी प्रक्रिया दिशाहीन होती जा रही है। ऐसी स्थिति में अमृतसर डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन ने केंद्र सरकार को एक पत्र लिख कर आग्रह किया है कि सरकार एक ऐसी कमेटी का गठन करे जिसमें व्यापार, उद्योग के अलावा आयात, निर्यात से संबंधित प्रतिनिधि हो जोकि जीएसटी से संबंधित राय व्यक्त कर सके। हरेक श्रेणी के व्यापारी व उद्योगपति की राय लेकर जीएसटी का नया स्वरूप बनाया जाए जिससे व्यापार व उद्योग प्रफुल्लित हो सके। एसोसिएशन के प्रधान अनिल कपूर ने बताया कि व्यापारी वर्ग कर देने को हमेशा तैयार रहता है। पर कर की प्रक्रिया आसान होनी चाहिए। अब जीएसटी भरने के लिए व्यापारी वर्ग को कई नियमों से गुजरना पड़ता है। व्यापार भी अब शिक्षित वर्ग तक सीमित रह गया है। पहले लोग कम पढ़े लिखे बच्चों को व्यापार करवाते थे।अब व्यापार व उद्योग शिक्षित लोगों का बन कर रह गया है। क्योंकि जीएसटी निरक्षर व्यक्ति का काम नहीं रहा है। सरकार अगर कर की प्रक्रिया सरल करने पर विश्वास रखती है तो सरकार सभी तरह के संसाधनों से बनने वाले कच्चे माल पर प्रथम चरण पर हर तरह का कर लगा देना चाहिए ताकि व्यापारी, उद्योगपति व आम जनता टैक्सों के बोझ के हिसाब से बच सके। प्रथम चरण पर कालाबाजारी से भी मुक्ति मिल जाएगी। बता दें कि इससे पहले भी कई व्यापारी और सीए प्रोफेशनल्स जीएसटी के नियमों में बार-बार किए जा रहे संशोधनों से दुखी होकर अपनी आवाज उठा चुके हैं।

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