मंडियों में कमजोर लिफ्टिंग से बोरियों के लगे अंबार

मंडियों में कमजोर लिफ्टिंग से बोरियों के लगे अंबार

जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आदम बढ़नी शुरू हो गई है।

JagranWed, 05 May 2021 07:34 PM (IST)

जागरण संवाददाता, अमृतसर :

जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आदम बढ़नी शुरू हो गई है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण खुले आसमान के नीचे पड़ी फसल को बचाने का उचित प्रबंध भी नहीं दिखाई दे रहा है।

उधर, खरीदे गए गेहूं की लिफ्टिंग सही ढंग से नहीं होने के कारण मंडियों में लगातार गेहूं की बढ़ोतरी हो रही है। आढ़ती और किसान इसके लिए सरकार, प्रशासन और केंद्र सरकार की ओर से बनाई की नई खरीद नीतियों को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं। अमृतसर जिले में 57 मंडियों में अलग-अलग खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिला प्रशासन का दावा है कि सरकार की ओर से जिले में गेहूं की खरीद को जो लक्ष्य दिया गया था उसका 70 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया गया है। वहीं जिले की मंडियों में गेहूं को बारिश से बचाने के लिए तिरपालों का पर्याप्त प्रबंध है। खरीदे गए गेहूं की 610 करोड़ रुपये की अदायगी भी किसानों के बैंक खातों में की जा चुकी है।

जिले की मंडियों में से अलग-अलग एजेंसियों ने 501 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। जिले में 505070 मीट्रिक टन गेहूं आया है। खरीद प्रक्रिया सभी केंद्रों पर लगातार जारी है। प्रशासन के दावों के अनुसार इस बार करीब सात लाख मीट्रिक टन गेहूं अमृतसर की मंडियों में आने की संभावना है। कमजोर लिफ्टिंग की जिम्मेदारी प्रशासन की : रत्‍‌न सिंह

मंडियों में बढ़ रहे गेहूं को लेकर जम्हूरी किसान सभा के नेता रत्न सिंह रंधावा ने कहा कि सरकार और प्रशासन इसके लिए पूरी तरह जिम्मेवार है। लिफ्टिंग की उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते मंडियों में खरीदे गए गेहूं की बोरियों का अंबार लगना शुरू हो गया है। सरकार की ओर से पर्याप्त मात्रा में बारदाना भी उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। इसकी जानकारी हमारे संगठन की ओर से सरकार और जिला प्रशासन को दी जा चुकी है। सरकार ने जो नया खरीद सिस्टम लांच किया है वह पूरी तरह सफल नहीं दिखाई दे रहा है। ठेकेदारों की ढुलमुल नीति से बढ़ रही परेशानी : तुली

मंडी मजूदर यूनियन के अध्यक्ष और आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधि राकेश तुली ने कहा कि मंडियों में बढ़ रही गेहूं की बोरियों का मुख्य कारण ट्रांसपोर्ट ठेकेदारों की ढुलमुल नीति है। इसके लिए प्रशासन भी जिम्मेवार है। जिन ट्रांसपोर्टरों को ठेके दिए जाते हैं उनके पास पर्याप्त संख्या में ट्रकों की व्यवस्था नहीं होती है। जिस कारण बोरियों के अंबार लगने शुरू हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि बारदाना की कमी भी इसका मुख्य कारण है। खरीदे गए गेहूं की लिफ्टिंग 72 घंटे में जरूरी : डीसी

डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा और जिला फूड व सिविल सप्लाई अधिकारी राज ऋषि मेहरा ने बताया कि मंडियों में खरीदे गए गेहूं की लिफ्टिंग 72 घंटे के भीतर करने की सख्त हिदायत है। अगर कोई इसमें लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रत्येक आढ़ती को आदेश दिए गए हैं कि वह अपने पास गेहूं को बारिश आदि से बचाने के लिए नियमों के अनुसार कम से कम 20 तिरपाले बड़े साइज की जरूर रखें।

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