पुरातत्व विभाग ने भेजी डीसी को रिपोर्ट, अकाल तख्त के पास खोदाई के दौरान मिली इमारत ऐतिहासिक नहीं

श्री हरिमंदिर साहिब परिसर के बाहर श्री अकाल तख्त साहिब के पास जोड़ा घर बनाए जाने के लिए बेसमेंट की खोदाई के दौरान पुरानी कमरा रूपी सुरंग मिली थी।

JagranThu, 29 Jul 2021 07:00 AM (IST)
पुरातत्व विभाग ने भेजी डीसी को रिपोर्ट, अकाल तख्त के पास खोदाई के दौरान मिली इमारत ऐतिहासिक नहीं

जागरण संवाददाता, अमृतसर : श्री हरिमंदिर साहिब परिसर के बाहर श्री अकाल तख्त साहिब के पास जोड़ा घर बनाए जाने के लिए बेसमेंट की खोदाई के दौरान पुरानी कमरा रूपी सुरंग मिली थी। सुरंग संबंधी पुरातत्व विभाग ने डिप्टी कमिश्नर को अपनी जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें स्पष्ट किया गया है यहां कोई भी ऐतिहासिक इमारत नहीं थी। खोदाई के दौरान मिली सुरंग के ऐतिहासिक होने को लेकर काफी विवाद पैदा हो गया था। कई संगठन इस सुरंग को ऐतिहासिक बताकर इसे सुरक्षित रखने की आवाज बुलंद करने लग गए थे।

सिख सद्भावना दल के मुखी भाई बलदेव सिंह वडाला ने अपने समर्थकों के साथ यहां चल रहा निर्माण रुकवा दिया था। सुरंग के ऐतिहासिक होने को लेकर जिला प्रशासन ने इसकी जांच करने के लिए पुरातत्व विभाग को जांच करने के लिए पत्र भेजे थे। इस पर 20 जुलाई को पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। इमारत के सैंपल लिए गए थे। वहां की फोटोग्राफी भी करवाई गई थी। यहां तक की इसके आसपास की जगह के नक्शे भी प्रशासन से मंगवाए गए थे। टीम ने इसकी जांच करके व रिपोर्ट जल्द सौंपने का आश्वासन दिया था। इसके चलते विभाग के अधिकारी एके तिवारी के नेतृत्व वाली टीम ने इसकी जांच मुकम्मल करके डीसी को रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह सुरंग कोई भी ऐतिहासिक इमारत नहीं है। यह रिपोर्ट विभाग ने 28 जुलाई को तैयार की है। रिपोर्ट पर टीम के मुखी एके तिवारी, अक्षित कौशिक और सुखपाल सिंह और कपिल कौशिक के हस्ताक्षर है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर पुलिस और सरकार के पास कोई इस संबंध में नक्शा आदि और भी है तो उसे भी देखकर विस्तृत विचार किया जा सकता है। एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जगीर कौर ने की रिपोर्ट मिलने की पुष्टि

गौर हो कि अकाल तख्त साहिब के पास एक जोड़ा घर और बेसमेंट बनाने के लिए कार सेवा का काम बाबा कश्मीर सिंह भूरी वालों को सौंपा गया था। खोदाई के दौरान एक सुरंग जैसा छोटा कमरा मिला था। इस संबंधी दावे किए जा रहे थे कि यह बुंगा था और ऐतिहासिक जगह थी। यह भी चर्चा थी कि यहां पर ज्ञानियों की हवेली हुआ करती थी। मामले के सबंध में एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जगीर कौर ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट प्रशासन को मिल गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट है कि यहां पर कोई ऐतिहासिक इमारत नहीं थी। उधर मामले की पैरवी करने वाले एसडीएम विकास हीरा ने भी पुष्टि करते हुए कहा कि रिपोर्ट आ गई है जो इस वक्त पुडा के पास है।

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