स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 : निगम ने झोंकी ताकत, पर आसान नहीं राह

—पिछले साल 10 लाख से ऊपर की आबादी वाले 485 शहरों में अमृतसर को 208वां रैक मिला था।

क्रॉसर —जोनल सिस्टम के तहत चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों के नेतृत्व में नौ टीमें कर रहीं काम। फोटो : 52 जागरण संवाददाता, अमृतसर

स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 को लेकर नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। सेहत विभाग के टीम पिछले दो माह से इस बाबत जुटी हुई है और सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए जोनल सिस्टम के तहत चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों के नेतृत्व में 9 टीमें लगी हुई है। पिछली साल 10 लाख से ऊपर की आबादी वाले 485 शहरों में अमृतसर को 208वां रैक मिला था।

विभागीय सूत्रों की मानें तो सर्वेक्षण के अहम मापकों के तहत शहर में पॉलीथीन के चालान काटे जा रहे हैं। बलक जेनरेटर(होटल आदि) जिन्होंने वेस्ट ठिकाने लगाने के लिए अपने स्तर पर प्रोसे¨सग यूनिट नहीं लगाए हैं, उनके चालान काटे जा रहे हैं। इसके अलावा कूड़ा जलाने के चालान काटे जा रहे हैं। पब्लिक और कम्युनिटी टॉयलेट्स की सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। निगम हद में रेलवे ट्रैक, नेशनल हाईवे, मंडियों की सफाई करवाई जा रही है। कामर्शियल व रिहायशी इलाकों में जागरुकता के लिए पम्फ्लेट बांटे जा रहे हैं और बैनरों के जरिये भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। कमर्शियल जगहों पर दिन में दो बार सफाई करवाई जा रही है। लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों और इलाकों में नुक्कड़ नाटक करवाने शुरू किए गए हैं। साथ ही स्वच्छता एप डाउनलोड कराई जा रही है, पिछली बार पार्षदों को साथ जोड़ कर ऐप डाउनलोड करवाई गई थी। स्टार रे¨टग में बांधा बनेगी वेस्ट प्रोसे¨सग

सर्वेक्षण में 1 से लेकर 7 तक स्टार रे¨टग का सर्टिफिकेट भी दिया जाना है। निगम ने थ्री स्टार रे¨टग

के लिए अप्लाई किया है। इससे पहले टू स्टार रे¨टग के लिए प्रदेश सरकार के पास अप्लाई किया था। कूड़ामुक्त सिटी को लेकर इसमें 10 सवालों का जवाब दिया गया। इस पर निगम को राज्य सरकर ने टू स्टार सर्टिफिकेशन के लिए खरा पाया। अब थ्री स्टार रे¨टग के लिए आवेदन किया गया है। गीला-सूखा कूड़ा अलग नहीं होने, सभी 85 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं होने, बलक वेस्ट

जेनरेटर आइडेंटिफाई किए जाने के बाद उनके स्तर पर कूड़ा प्रबंधन नहीं होने की वजह से थ्री स्टार रे¨टग मिलना संभव नहीं है। जीजान से जुटी हुई है टीमें : डॉ. कवर

नगर निगम के सेहत अधिकारी डा. अजय कवर ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के तहत गुप्त सर्वे टीमों द्वारा किया जाना है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए और स्वच्छता के पैमाने पर हम खरे उतरे, इसके लिए विभागीय टीमें जुटी हुई है। शहर में जागरूकता अभियान चलाने के अलावा पालीथीन, कूड़ा जलाने आदि के चालान काटे गए है। बैनर व स्टीकर लगाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया है।

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