एक दिन पहले मलिक ने तो अगले ही दिन औजला ने किया प्लेटफार्म 6-7 का उद्घाटन

जागरण संवाददाता, अमृतसर

राज्य सभा सदस्य व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्वेत मलिक और सांसद गुरजीत सिंह औजला के बीच श्रेय लेने छिड़ी जंग अब रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई है। हुआ यूं कि प्लेटफार्म नंबर 6 और 7 का वीरवार को दोपहर सांसद गुरजीत ¨सह औजला ने उद्घाटन किया। जबकि इसी प्लेटफार्म का का लोकार्पण बुधवार की देर शाम करीब 7:30 बजे राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक नारियल फोड़ कर कर दिया था। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इन दोनो ही नेताओं में एक तरह से क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है। क्योंकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब दोनों ही नेता किसी काम का क्रेडिट लेने न पहुंचे हों। इससे पहले भी दोनों कई बार उद्घाटन कार्यक्रम में जाते है और खुद को क्रेडिट देने की कोशिश करते रहते हैं।

संसद में बार-बार हमने उठाया था प्लेफार्म का मुद्दा : औजला

वहीं वीरवार को उद्घाटन के दौरान जब औजला से इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि भले ही इस प्रोजेक्ट का टेंडर बहुत पहले लग चुका था। मगर उन्होंने इस मुद्दे को बार-बार संसद में उठाया था। पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर इस तरफ ध्यान दिलवाया था। ताकि रेल विभाग से बात कर इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। वहीं उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मलिक ने भी प्लेटफार्म बनवाने में कुछ भूमिका निभाई हो। अगर वह उद्घाटन करके गए हैं तो यह उनकी इच्छा थी। जबकि प्रोटोकाल के मुताबिक लोगों का चुना हुआ नुमाइंदा ही उद्घाटन करता है। वहीं उन्होंने कहा कि इन प्लेटफार्मों से लोगों को बहुत ज्यादा सुविधा होने वाली है। क्योंकि हर रोज ही आउटर में गाड़िया खड़ी होने से लोग काफी परेशान रहते थे। उन्हें हर रोज कम से कम भी इस संबंधी 50 से 100 मैसेज आता था। अब यात्रियों को इस परेशानी से निजात मिलेगी। औजला का हाल बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना वाला : मलिक

राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक ने कहा कि उन्होंने सबसे पहले राज्यसभा में यह रेलवे स्टेशन की अपग्रेडेशन का मुद्दा उठाया था। उसके बाद लगातार रेल मंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक करके इसके लिए फंड लाते रहें है। ताकि रेलवे स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया हो सके। उन्होंने कहा कि यह बहुत हास्यास्पद है। अगर औजला की बात की जाए तो उनका हाल बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना वाला जैसा है।

औजला के बंदे खुद ही सजाते रहे मंच

बताया जा रहा है कि उद्घाटन के लिए संबंधित विभाग की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई थी। और ना ही इस संबंध में किसी से किसी तरह की कोई बातचीत की गई थी। जिसका नतीजा यह था कि औजला के आने से ठीक पहले उनके अपने ही का¨रदे प्लेटफार्म की सीढि़यों पर फूल लगा रहे थे।

फ्लाइट के उद्घाटन से शुरू हुई थी दोनों नेताओं में होड़

उल्लेखनीय है कि करीब डेढ़ साल पहले एयरपोर्ट से एक नई फ्लाइट शुरू की गई थी। उस समय सांसद गुरजीत ¨सह औजला और राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक के बीच क्रेडिट वार शुरू हो गई थी। दोनों ही नेता अपनी-अपनी पीठ थपथपा रहे थे कि उन्होंने फ्लाइट शुरू करवाई है। तब से लेकर अमृतसर में जब भी किसी इस तरह के प्रोजेक्ट को शुरू करना होता है तो इन दोनों नेताओं के अंदर की क्रेडिट वार बाहर निकल आती है। जिसका ताजा उदाहरण प्लेटफार्म नंबर 6 और 7 का उद्घाटन है।

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