कैप्टन-बादल के एक मंच पर आने का रास्ता साफ, श्री अकाल तख्त साहिब ने लगाई संयुक्त कार्यक्रम पर मोहर

जेएनएन, अमृतसर। सुल्तानपुर लोधी में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर 1-12 नवंबर को आयोजित होने वाले सरकार व SGPC के संयुक्त मंच पर कौन-कौन मौजूद रहेंगे इस पर स्थिति स्पष्ट हो गई है। मंच पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी नजर आएंगे। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि कार्यक्रम SGPC के ही स्टेज पर होगा। 

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि मंच पर धार्मिक शख्सियतें, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या उनके प्रतिनिधि,  SGPC प्रधान, मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री होंगे। मंच से कोई भी राजनीतिक बात नहीं होगी। सिर्फ गुरु साहिब की शिक्षाओं और जीवन के संबंध में ही चर्चाएं, संदेश व विचार होंगे। सरकार की ओर से लगाए गए स्टेज पर धार्मिक कार्यक्रम अलग से आयोजित किए जा सकते हैंं, जो भी कार्यक्रम सरकार की ओर से तय किए गए हैंं।

11-12 नवंबर को आयोजित किए जा रहे मुख्य कार्यक्रम गुरुद्वारा बेरा साहिब की ओर से बनाई गई SGPC की स्टेज पर संयुक्त रूप में होंगे। इस स्टेज पर कोई भी नेता किसी भी पार्टी का हो पहुंंच सकता है। हर पार्टी के सजदा करने पहुंचे नेता को SGPC की ओर से बनता मान सम्मन दिया जाएगा। सुल्तानपुर लोधी में अलग-अलग राजनीतिक दल व संगठन अपना स्टेज लगाते हैंं। उन स्टेजों पर भी कोई राजनीतिक चर्चा न की जाए। सिर्फ और सिर्फ गुरु साहिब के साथ संबंधित संदेश ही दिए जाएं। सिंह साहिब ने यह आदेश देते हुए सरकार के उस प्रस्ताव कर रद कर दिया है कि जिसमें सरकार ने कहा था कि वह स्टेज तैयार करके देगी और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के नेतृत्व में सारे कार्यक्रम सरकार की ओर से तैयार स्टेज पर SGPC के साथ सांझा रूप में आयोजित किए जाएं।

क्या-क्या थे बैठक के मुद्दे

ज्ञानी हरप्रीत सिह ने पांच सिंह साहिबान की बैठक से पहले श्री अकाल तख्त साहिब पर अलग-अलग सिख जत्थेबंदियों, संप्रदायों के प्रतिनिधियों के साथ अलग अलग पांच पंथक मुद्दों पर विचार चर्चा करके उनके इस मुद्दों पर विचार और राय ली। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, तख्त केसगढ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह , तख्त पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर, तथा श्री अकाल तख्त साहिब के दो पांच प्यारों को इस बैठक में शामिल करके पांच सिंह साहिब का कोरम पूरा किया गया। इस दौरान SGPC के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल भी मौजूद थे।

जत्थेदार अकाल तख्त ने अलग-अलग संगठनों और जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों से पांच अलग-अलग मुद्दों पर विचार लिए पहला मुद्दा क्या शिरोमणि कमेटी और सरकार को एक स्टेज पर प्रकाश पर्व कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए और यह कार्यक्रम किस स्टेज पर होना चाहिए। दूसरा मुद्दा यह था कि विदेशों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के वृद्ध स्वरूपों की संभाल के लिए या उनके संस्कार के लिए क्या नियम विदेशों में वहांं के कानून के अनुसार अपनाए जाएं, ताकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की संभाल व वृद्ध स्वरूपों के अंतिम संस्कार संबंधी किसी तरह का धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन न हो सके।

तीसरा मुद्दा यह था कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के ऊपर चढाए जाने वाले वाले इलेक्ट्रॉनिक चंदोए साहिब क्या चढाए जाने चाहिए या नहीं । वहीं इन चंदेाए साहिब के संबंध में क्या नीति होनी चाहिए। चौथा मुद्दा भाई रणजीत सिंह ढडरियांवाला की ओर से पंथक मर्यादा के हटकर किए जा रहे प्रचार संबंधी क्या कार्रवाई होनी चाहिए। इस संंबंधी एक कमेटी का गठन किया जाए, जो कमेटी सभी अलग अलग पक्षों और संगत के ब्यान लेकर रिपोर्ट तैयार कर श्री अकाल तख्त साहिब पर सौंपे, ताकि इस संबंधी श्री अकाल तख्त साहिब से अगली कार्रवाई की जाए।

पांचवां मुद्दा यह था कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की तिथि आने के कारण बाजार में गुरु साहिब की बहुत सारी अलग अलग तरह की मूर्तियां बिक रही है। जो कि गुरु मर्यादा के उलट है। गुरु साहिब मूर्तिपूजा के विरूद्ध थे। आज गुरु साहिब की ही मूर्तियां बाजार में बिक रही है। यह गलत बात है। इस संबंधी संगत अपने विचार श्री अकाल तख्त साहिब को भेजे, ताकि इस संबंध में संगत की राय के अनुसार अगली कार्रवाई श्री अकाल तख्त साहिब से की जाए।

किन नेता ने पेश किए विचार

शाम करीब चार बजे पांच सिंह साहिबान की बैठक शुरू हुई। बैठक से पहले अलग अलग संगठनों के प्रतिनिधियों बाबा बलबीर सिंह निंहग मुखी, भाइ गुरइकबाल सिंह, दमदमी टकसाल से अजायब सिंह अभियासी, बाबा सुबेग सिंह गोइंदवाल, बाबा अवतार सिंह, बाबा परमानंद, बाबा हरभजन सिंह, इंद्रपाल सिंह, बाबा अमरीक सिंह कार सेवा वाले, बाबा गुरमीत सिंह, बाबा गुरपिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, बाबा गुरदीप सिंह, बलदेव सिंह, हरसिमरत सिंह आनदंपुर साहिब, वस्सन सिंह, हरचरण सिंह, मंजीत सिंह, प्रो सरचांद सिंह, किरपाल सिंह, पाल सिंह, बजरंगी दास, जगजीत सिंह, जसंवत सिंह, पदमजीत सिंह, बलदेंव सिह मनजीत सिंह, बलविंदर सिंह जौडासिंघा, बाबा सेवा सिंह, ज्ञानी रणजीत सिंह, बाबा निहाल सिंह, निर्मल सिंह, हरदीप सिंह आदि ने भी अपने विचार पेश किए।

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