ISIS भारत में फिर हिंसा व नफरत फैलाने को तैयार, मैगजीन में लेख बाबरी का बदला लिया जाएगा

क्या तुम लोगों ने हिन्दुस्तान की बड़ी अदालत का फैसला स्वीकार कर लिया है।

Terrorism in India भारत के खिलाफ आतंकी संगठन आइएसआइएस का एक खतरनाक प्लान सामने आया है। आइएसआइएस की एक नफरत भरी डिजिटल मैगजीन है। जिसमें आतंकी भारतीय मुसलमानों को बरगालने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं उन्हें स्टेट के खिलाफ हथियार उठाने कह रहे है।

Publish Date:Tue, 20 Oct 2020 01:08 PM (IST) Author: Dharmendra Pandey

लखनऊ, जेएनएन। Terrorism in India: आतंकी संगठनों का भारत में हिंसा के साथ माहौल बिगाड़ने का लगातार प्रयास चलता रहता है। इसी क्रम में अब एक बार फिर से प्रयास शुरू किया गया है। आइएसआइएस ने अपनी ऑनलाइन मैगजीन में नफरत, साजिश और हिंसा भरे लेख प्रकाशित किया है। वॉयस ऑफ हिंद नाम की इस ऑनलाइन मैगजीन में बाबरी विध्वंस के आरोपियों को बरी करने का जिक्र करते हुए कहा है कि भारत के मुसलमानों को बरगलाने की कोशिश की गई है। इसमें कहा गया है कि क्या तुम लोगों ने हिन्दुस्तान की बड़ी अदालत का फैसला स्वीकार कर लिया है।

भारत के खिलाफ आतंकी संगठन आइएसआइएस का एक खतरनाक प्लान सामने आया है। आइएसआइएस की एक नफरत भरी डिजिटल मैगजीन है। जिसमें आतंकी भारतीय मुसलमानों को बरगालने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं उन्हें हथियार उठाने को कह रहे हैं। इस मैगजीन में भारतीय मुसलमानों को बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेने के लिए भड़काया जा रहा है। इस मैगजीन का नाम वॉयस ऑफ इंडिया है। मैगजीन को सीक्रेट टेलिग्राम चैनल्स और वेब के जरिए आइएसआइएस के आतंकी भारत में फैलाते हैं।

मैगजीन वॉयस ऑफ इंडिया का नौवां एडिशन है। इस मैगजीन में बाबरी विध्वंस से जुड़ी तस्वीरें हैं। इसमें लिखा गया है कि बाबरी का बदला लिया जाएगा। इस मैगजीन में कहा गया है भारत में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले मुसलमानों के साथ आइएसआइएस मजबूती से खड़ा है। मैगजीन के अन्य एडिशन की तरह इसमें भी भारत के मुसलमानों को बरगलाते हुए कहा गया है कि वह हिन्दुस्तान की सरकार के खिलाफ जिहाद का रास्ता चुनें। डिजिटल पत्रिका में कहा गया है कि बाबरी मस्जिद का विध्वंस एक ऐसी वजह है जिसके लिए इस्लामिक स्टेट के लड़ाके लड़ाई लडेंगे। मैगजीन में धमकी दी गई है कि जिन्हें आइएसआइएस के वसूलों में यकीन नहीं है उन्हें सजा दी जाएगी। मैगजीन में बाबरी विध्वंस के आरोपियों को बरी करने का जिक्र करते हुए कहा है कि भारत के मुसलमानों को बरगलाने की कोशिश की गई है और कहा गया है कि क्या तुम लोगों ने हिन्दुस्तान की अदालत का फैसला स्वीकार कर लिया है। मैगजीन में निर्देश दिया गया है कि अब तो हिन्दुस्तान के मुसलमान सरकार के खिलाफ हथियार उठाएं।

इस मैगजीन ने इससे पहले भी भारत में सीएए तथा एनआरसी का विरोध कर रहे लोगों को उकसाने का काम किया था। ऑनलाइन पत्रिका वॉयस ऑफ हिंद के संस्करण में आइएसआइएस ने भारत के मुसलमानों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) तथा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में कई जगह पर हिंसा फैलाने के लिए प्रेरित करने वाले लेख प्रकाशित किए थे। भारत के मुसलमानों पर सीएए तथा एनआरसी के विरोध के प्रदर्शन को हिंसात्मक बनाने का निर्देश दिया था। भारत में यह लोग हिंसा फैसाने के लिए काफी सक्रिय हैं। भारत के मुसलमानों को विभिन्न तरीके से हिंसा फैलाने के लिए प्रेरित करते हैं। अब ताजा मामला बाबरी का बदला लेने को लेकर चल रहा है। 

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