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संतों ने राम मंदिर संग अखंड भारत के निर्माण का लिया संकल्प, कहा-POK लेंगे ही...सिंध-बलूचिस्तान बचाए पाक

प्रयागराज, जेएनएन। माघ मेला क्षेत्र स्थित विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के शिविर में आयोजित संत सम्मेलन में मंगलवार को संतों ने राम मंदिर के साथ ही अखंड भारत के निर्माण का भी संकल्प लिया। पड़ोसी देश पाकिस्तान को मंच से चेतावनी भी दी। कहा गया कि पीओके लेकर ही रहेंगे, पाकिस्तान अब सिंध और बलूचिस्तान को बचाए। सम्मेलन में मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी श्रीराम जन्मभूमि न्यास को सौंपने, विहिप के मॉडल पर ही मंदिर निर्माण की मांग जोर-शोर से उठी।

संत सम्मेलन की शुरुआत तीन बजे भगवान राम के चित्र के सामने मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विश्व हिंदू परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक कुमार ने सम्मेलन की प्रस्तावना प्रस्तुत की। साथ ही सोमवार को विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल में पारित प्रस्तावों को भी रखा। सम्मेलन में संतों ने एक स्वर से कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) देशहित में है। इसका जो विरोध कर रहे हैं वे देशद्रोही हैं। विरोधी जहां की भाषा बोल रहे हैैं, वहां चले जाएं, वरना उनके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज कराए जाएं।

सम्मेलन में धर्मांतरण पर बड़ी रणनीति तय की गई। परिवार संस्कार को लेकर देश भर में जागरूकता कार्यक्रम चलाने और राष्ट्रीय जनसंख्या नीति बनाए जाने की भी वकालत की गई। सम्मेलन की अध्यक्षता न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने की। संचालन विहिप के उपाध्यक्ष तथा केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के संयोजक जीवेश्वर मिश्र और केंद्रीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने किया।

विहिप मॉडल पर बने मंदिर, वरना नहीं करेंगे दर्शन : वासुदेवानंद

स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि विहिप के ही मॉडल पर राम मंदिर का निर्माण हो, वरना वह रामलला का दर्शन नहीं करेंगे। कहा कि 30 वर्षों से यह मॉडल रामभक्तों के सामने प्रदर्शित किया जा रहा है। यही मॉडल हिंदुओं के मन-मस्तिष्क में भी बस चुका है।

न्यास को मिले मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी : नृत्य गोपाल दास

श्रीराम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष तथा अयोध्या स्थित मणिराम छावनी के श्रीमहंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि रामलला के मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारी न्यास को ही सौंपी जाए। न्यास ने ही शुरू से मंदिर आंदोलन की मुख्य निभाई है।

बड़ा गर्भगृह होगा राम मंदिर का

अयोध्या में राम मंदिर का गर्भगृह काफी बड़ा होगा। इसकी लंबाई व चौड़ाई 20-20 फीट होगी। अब तक प्रमुख मंदिरों में सोमनाथ का गर्भगृह इससे बड़ा है जो 15-15 फीट है। विहिप मॉडल के मुताबिक मंदिर निर्माण का स्वरूप भी संतों के सामने रखा गया। विहिप के केंद्रीय महामंत्री संगठन दिनेश चंद ने बताया कि दो परिक्रमा मार्ग होंगे जिसमें एक मंदिर के अंदर (15 फीट) और दूसरा मंदिर के बाहर (50 फीट) होगा। गर्भगृह के मंडप में एक हजार लोग खड़े हो सकेंगे जबकि प्रवेश के मंडप में 1200 श्रद्धालु खड़े हो सकेंगे। मंदिर का शिखर 161 फीट का होगा। बताया कि लगभग 30 वर्षों से इसी मॉडल को देश और दुनिया भर में प्रदर्शित किया गया है। मंदिर निर्माण के लिए 60 प्रतिशत पत्थरों को तराशा जा चुका है। केंद्रीय महामंत्री संगठन ने मंदिर के पूरे स्वरूप के बारे में भी संतों को जानकारी दी। बताया कि शिलापूजन भी पहले ही हो चुका है। अब निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की तैयारी है।

इन मुद्दों पर रणनीति तय

सीएए के विरोधियों के खिलाफ दर्ज कराया जाए देशद्रोह का मुकदमा धर्मांतरण रोकने को जातिवाद के जहर को मारेंगे, जातीय अपमान नहीं सहेंगे रामोत्सव में मंदिर निर्माण को सभी हिंदुओं का लिया जाएगा सहयोग

सम्मेलन की खास बातें

08 फरवरी तक राम मंदिर निर्माण को ट्रस्ट बन जाने की जताई उम्मीद 03 ट्रस्टी केंद्र व राज्य सरकार के तथा निर्मोही अखाड़े का होना तय 30 साल से विहिप मंदिर का मॉडल देश-दुनिया में कर रहा है प्रदर्शित 09 लाख मठ, मंदिरों, पीठों, आश्रमों के संत सीएए को आएंगे आगे

 

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