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Rajasthan Political News: विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाएगी गहलोत सरकार, सीएम ने कहा-अपने तो अपने ही होते हैं

Rajasthan Political News: विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाएगी गहलोत सरकार, सीएम ने कहा-अपने तो अपने ही होते हैं
Publish Date:Thu, 13 Aug 2020 05:18 PM (IST) Author: Sachin Kumar Mishra

जयपुर, जागरण संवाददाता। Sachin Pilot: 15वीं राजस्थान विधानसभा का पांचवां सत्र शुक्रवार से शुरू होगा। 32 दिन तक चली कांग्रेस की आंतरिक सियासत के कारण सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के दौरान अशोक गहलोत सरकार विश्वास प्रस्ताव लाएगी। भाजपा द्वारा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर सीएम गहलोत ने कहा कि हम खुद विश्वास प्रस्ताव लाएंगे। गुरुवार शाम को सीएम आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में गहलोत ने कहा कि जो नाइत्तेफाकी अब तक हुई उसे भुला दीजिए, हम 19 विधायकों के बिना भी बहुमत साबित कर देते लेकिन वो खुशी नहीं होती, अपने तो अपने ही होते हैं। उन्होंने कहा जिन विधायकों की समस्या है, जो रूठे हैं वो मुझसे अकेले में आकर मिल सकते हैं।

इस मौके पर सचिन पायलट ने छह साल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में विधायकों के मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का आभार जताया। उन्होंने गहलोत को भी धन्यवाद दिया । गहलोत और पायलट के बीच दूरी कम करने के लिए सोनिया गांधी के निर्देश पर संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पहले दोनों नेताओं से अलग-अलग बात की और फिर एक साथ चर्चा की। वेणुगोपाल ने दोनों खेमों के विधायकों की अलग-अलग बात सुनी। इसके बाद शाम को विधायक दल की बैठक में सभी विधायक शामिल हुए। विधायक दल की बैठक से पहले सचिन पायलट गहलोत से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। गहलोत ने सुबह पायलट और उनके खेमे के विधायकों को फोन कर बातचीत करने के लिए बुलाया। गहलोत ने उन्हें विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए कहा। पायलट सीएम आवास पहुंचे तो गहलोत ने हाथ मिलाकर स्वागत किया और फिर दोनो मुस्कुराए। विधायकों की खरीद-फरोख्त, फोन टैपिंग व बाड़ेबंदी जैसे मुद्दो को लेकर सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच विधानसभा में बहस होने की उम्मीद है।

गहलोत फिर बोले, भूलो और माफ करो

सीएम गहलोत ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि मैं उम्मीद करता हूं फॉरगेट एंड फॉरगिव की भावना के साथ सेव डेमोक्रेसी हमारी प्रायोरिटी होनी चाहिए। देश में वन बाई वन चुनी हुई सरकारों को तोड़ने की साजिश चल रही है। कर्नाटक, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश आदि राज्यों में सरकारें जिस तरह टॉपल की जा रही है, वह गलत है। उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआइ, इनकम टैक्स व ज्यूजिडिशियरी का जो दुरुपयोग हो रहा है, वे डेमोक्रेसी को कमजोर करने का बहुंत डेंजरेस गेम है।

दो विधायकों का निलंबन रद

बागी विधायकों के घर वापसी के बाद कांग्रेस नेतृत्व के तीखे तेवर नर्म होते जा रहे हैं। पार्टी ने विधायक भंवर लाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह के निलंबन को रद कर दिया है। कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे ने यह जानकारी दी। इन दोनों विधायकों पर अशोक गहलोत सरकार को गिराने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगा था। कथित रूप से ऑडियो भी वायरल हुए थे, जिनमें इनकी आवाज होने की बात कही गई थी। इसके बाद पायलट खेमे के इन दोनों विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। इनके खिलाफ एसओजी ने राजद्रोह का मामला दर्ज किया था, जो अब बंद कर दिया गया है।

ये है सदन का गणित

200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 106 एक विधायक है। इसके अलावा 13 निर्दलीयों का सरकार को समर्थन हासिल है। भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो, आरएलडी का एक विधायक भी सरकार के साथ है। माकपा के दो में से एक विधायक सरकार के साथ हैं, वहीं एक तटस्थ है। भाजपा के खुद के 72 विधायकों के साथ ही सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन विधायक हैं। अगर किसी परिस्थिति में सदन में यदि मतदान होता है और दोनों पक्षों के वोट बराबर आते हैं तो अध्यक्ष को मतदान करने का अधिकार है।

बैठक के बाद कांग्रेस विधायक विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस एकजुट हैं। मुख्यमंत्री सीएलपी नेता हैं और सब उनका सम्मान करते हैं। अगर भाजपा चाहती हो तो वो शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है, ये उनका काम है। उनके मुताबिक, सीएम ने कहा कि अगर किसी को कोई शिकायत है, तो वे जब चाहें, उनसे मिल सकते हैं। विश्वेंद्र ने कहा कि एक महीने तक हमने जो भी सुना और सहा वो आपके सामने है लेकिन हम लोग अपनी मर्यादा में रहे। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं, मैं पहले भी कांग्रेस में था जब कांग्रेस से हटाया गया तब भी और आज भी कांग्रेस में हूं और आगे भी कांग्रेस में रहूंगा।

इस बीच, केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सबकुछ अच्छे से हो गया। अब कांग्रेस परिवार एक साथ है, हम मिलकर भाजपा की गंदी राजनीति के खिलाफ लड़ेंगे। विधानसभा में कांग्रेस पार्टी एकजुटता से खड़ी होगी।

15वीं राजस्थान विधानसभा का पांचवां सत्र शुक्रवार से शुरू होगा। विधायकों की खरीद-फरोख्त और सरकार गिराने को लेकर एक माह से भी अधिक समय तक चले राजनीतिक घटनाक्रम के चलते विधानसभा सत्र का हंगामेदार होना तय है। सत्र दो या तीन दिन चलते की उम्मीद है। 

सत्र के दौरान सरकार की तरफ से कोरोना महामारी पर चर्चा करने के साथ ही कुछ विधेयक भी लेकर आने की संभावना है। सत्र में विपक्ष विधायकों के फोन टेपिंग मामले को लेकर भी सरकार को घेर सकती है। 

भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने फोन टेपिंग का तारांकित सवाल लगाया है।

#WATCH Jaipur: Congress leader Sachin Pilot meets CM Ashok Gehlot at his residence. 

Congress Legislature Party meeting to take place here, ahead of the special session of the #Rajasthan Assembly tomorrow. pic.twitter.com/0pIZ1vr2dM

— ANI (@ANI) August 13, 2020

25 सवाल तो कोरोना, मास्क खरीद, संक्रमण रोकने के उपाय, किट आदि को लेकर किए हैं। भाजपा की तरफ से 32 दिन सियासी संग्राम चलने को लेकर सरकार को घेरने की योजना तैयार की गई है। इन सब पर खर्च, सरकारी मशीनरी और सुविधाओं का दुरुपयोग को लेकर अलग से सरकार पर हमले किए जाएंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कुल 13 सवाल लगाए हैं।

राजस्थान में BJP का कांग्रेस के खिलाफ प्लान तैयार - Watch Video

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