पहाड़ के लोगों को शांति चाहिए सहानुभूति नहीं

'पहाड़ के लोगों को शांति चाहिए सहानुभूति नहीं'

- विनय गुट समर्थित समर्थकों ने निकाली एकता जुलूस सभा में विमल गुरुंग पर जमकर किया हमला जा

Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 06:18 PM (IST) Author: Jagran

- विनय गुट समर्थित समर्थकों ने निकाली एकता जुलूस, सभा में विमल गुरुंग पर जमकर किया हमला

जागरण संवाददाता,कíसयांग:

गोजमुमो कíसयाग महकमा कमेटी के तत्वावधान में कíसयाग में विराट शाति यात्रा व पथसभा का आयोजन किया गया। कíसयाग के टूरिस्ट लॉज से निकाली गई शाति यात्रा शहर परिक्रमा करते हुए कíसयाग मोटर स्टैंड में पहुंचकर पथसभा में तब्दील हो गई। शाति यात्रा में उपस्थित जनसैलाब ने विगत तीन वर्ष से भूमिगत व विस्थापित रहे नेता विमल गुरुंग के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने कहा कि हमें दाíजलिंग पहाड़ी क्षेत्र में शाति चाहिए। हम शात पहाड़ को अशात होने नहीं देंगे। हमें विनय तामंग व अनित थापा का नेतृत्व ही चाहिए। विमल गुरुंग को पहाड़ में घुसने नहीं दिया जाएगा। पथसभा की अध्यक्षता गोजमुमो कíसयाग महकमा कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष समीरदीप ब्लोन ने की।

सभा को संबोधित करते हुए गोजमुमो दाíजलिंग शाखा कमेटी के अध्यक्ष आलोककातमणि थुलुंग ने कहा कि विमल गुरुंग के नेतृत्व में वर्ष -2007 से 2017 तक किये गए आदोलन के दौरान वाहनों में सिलीगुड़ी के दाíजलिंग मोड़ तक जीएल नंबर लगाने का कार्य किया गया। ऐसा लगा कि अब गोरखालैंड प्राप्त होने की स्थिति में आदोलन पहुंच गया है। अचानक उस दौरान विमल गुरुंग ने कहा कि अभागोली नेता मदन तामंग गोरखालैंड का विरोधी है। इसलिए मदन तामंग के प्रत्येक सभा को डिस्टर्व करने का कार्य किया जाए। इसी बीच अचानक मदन तामंग की हत्या हो गई। हत्यारा कहा गया कुछ पता नहीं चला। तबतक कुछ दिनों बाद इस आदोलन के बदले कथित रूप से जीटीए पर समझौता किया गया।

उन्होंने कहा कि विमल गुरुंग सिर्फ झूठ की राजनीति करते हैं। उनलोगों ने गोरखालैंड के लिए सहायता पहुंचाने का कार्य किया था। परंतु झूठ की खेती कर विमल गुरुंग दाíजलिंग पहाड़ में आना चाह रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आदोलन के दौरान विमल गुरुंग कभी भी महत्वपूर्ण कार्यो के लिए सामने नहीं आते थे। अधिकतर कार्यो के लिए रोशन गिरि को भेजा करते थे। विमल गुरुंग गोरखालैंड के पर्यायवाची नहीं हैं। सूबे के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तलवे चाटने के लिए वे कोलकाता भी पहुंच गये। आदोलन के दौरान तेरह लोगों को शहीद बनाकर भूमिगत व विस्थापित होने वाले नेता विमल गुरुंग को दाíजलिंग पहाड़ में स्वागत करनेव ाले गोरखालैंड के पाíथव शरीर पर यानी लाश पर स्वागत करेंगे। उनलोगों को विनय तामांग व अनित थापा जैसा नेतृत्व चाहिए,जिन्होंने पहाड़ को शात करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। विश्वव्यापी रूप में फैले कोरोना संक्रमण के महामारी से जूझने के लिए भी अनित थापा ने महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह कर गोरखाओं को सम्मान दिया है। पहाड़ को अब विमल गुरुंग जैसे कायर नेता की जरूरत नहीं। पहाड़वासियों से प्रेम,विश्वास व आस्था चाहिए,सहानुभूति नहीं।

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