कृषि क्षेत्र का निजीकरण करना चाहती है केंद्र सरकार : कमलनाथ

कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस का किसान सम्मेलन

कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश देश में सबसे ज्यादा गेहूं पैदा करने वाला राज्य है। केंद्र सरकार के इस कानून से कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के लिए किसान मजबूर हो जाएगा। अभी प्रदेश में 20 फीसद लोगों को ही एमएसपी का फायदा मिलता है।

Publish Date:Thu, 07 Jan 2021 05:06 PM (IST) Author: Neel Rajput

भोपाल, पीटीआइ। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र की मोदी सरकार पर कृषि क्षेत्र का निजीकरण करने का आरोप लगाया है। देश में चल रहे किसान आंदोलन के बीच कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी 16 जनवरी से छिंदवाड़ा में किसान सम्मेलन आयोजित करेगी, जिसके बाद एक बड़े सम्मेलन का 20 जनवरी को आयोजन किया जाएगा। कमलनाथ ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का नया कृषि कानून एमएसपी खत्म करने वाला है और केंद्र कृषि क्षेत्र का निजीकरण करना चाहती है।

गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कमलनाथ ने ये बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के कानून की बुनियाद कमजोर है और सिर्फ हम ही इसका विरोध नहीं कर रहे, बल्कि एनडीए के घटक दल भी कर रहे हैं।

कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश देश में सबसे ज्यादा गेहूं पैदा करने वाला राज्य है। केंद्र सरकार के इस कानून से कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के लिए किसान मजबूर हो जाएगा। अभी प्रदेश में 20 फीसद लोगों को ही एमएसपी का फायदा मिलता है। इससे सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश के किसान प्रभावित होंगे इसलिए किसानों को जागरूक करने के लिए किसान सम्मेलन की शुरूआत 16 जनवरी से छिंदवाड़ा में होगी और फिर एक बड़ा सम्मेलन 20 जनवरी को होगा।

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