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Ayodhya Ram Mandir Bhumi Pujan : अयोध्या में भूमि पूजन को लेकर मायावती का ट्वीट, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भूमि पूजन संभव

Ayodhya Ram Mandir Bhumi Pujan : अयोध्या में भूमि पूजन को लेकर मायावती का ट्वीट, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भूमि पूजन संभव
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 10:31 AM (IST) Author: Dharmendra Pandey

लखनऊ, जेएनएन। रामनगरी अयोध्या में आज यानी बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन की तैयारी के बीच में बसपा मुखिया मायावती ने साथ ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट किया है। मायावती ने मंदिर के भूमि पूजन का श्रेय जहां सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दिया है, वहीं अखिलेश यादव ने भी इस अवसर को यादगार बताया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस पल को महान बताया है।

बसपा मुखिया मायावती ने बुधवार को तीन ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर जैसा कि सर्वविदित है कि अयोध्या विभिन्न धर्मों की पवित्र नगरी व स्थली है, लेकिन दु:ख की बात यह है कि यह स्थल राम-मन्दिर व बाबरी-मस्जिद जमीन विवाद को लेकर काफी वर्षों तक विवादों में भी रहा है। उन्होंने कहा कि इसका माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अन्त किया। इसके साथ ही इसकी आड़ में राजनीति कर रही पाॢटयों पर भी काफी कुछ विराम लगाया। माननीय कोर्ट के फैसले के तहत ही आज यहां राम-मंदिर निर्माण की नींव रखी जा रही है, जिसका काफी कुछ श्रेय माननीय सुप्रीम कोर्ट को ही जाता है। उन्होंने कहा कि जबकि इस मामले में बीएसपी का शुरू से ही यह कहना रहा है कि इस प्रकरण को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट, जो भी फैसला देगा, उसे हमारी पार्टी स्वीकार करेगी। जिसे अब सभी को भी स्वीकार कर लेना चाहिये।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस अवसर को बड़ा बताया है। उन्होंने ट्वीट किया है कि जय महादेव जय सिया-राम, जय राधे-कृष्ण जय हनुमान। भगवान शिव के कल्याण, श्रीराम के अभयत्व व श्रीकृष्ण के उन्मुक्त भाव से सब परिपूर्ण रहें।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि आशा है वर्तमान व भविष्य की पीढिय़ां भी मर्यादा पुरूषोत्तम के दिखाए मार्ग के अनुरूप सच्चे मन से सबकी भलाई व शांति के लिए मर्यादा का पालन करेंगी। सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु राम नाम का सार है। राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं। भगवान राम और माता सीता के संदेश और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बने।  

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