Ayodhya Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्रांगण में पाइलिंग टेस्ट आज से शुरू, पहले टेस्ट पिलर की होगी ढलाई

Ayodhya Ram Mandir श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पिलर तैयार होने के बाद यहां विशेषज्ञ इसे मजबूती की कसौटी पर कसेंगे। सब कुछ ठीक पाए जाने के बाद 12 सौ और स्तंभ तैयार होंगे।

Dharmendra PandeyPublish:Fri, 11 Sep 2020 09:59 AM (IST) Updated:Fri, 11 Sep 2020 11:01 AM (IST)
Ayodhya Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्रांगण में पाइलिंग टेस्ट आज से शुरू, पहले टेस्ट पिलर की होगी ढलाई
Ayodhya Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्रांगण में पाइलिंग टेस्ट आज से शुरू, पहले टेस्ट पिलर की होगी ढलाई

अयोध्या [रमाशरण अवस्थी]। भगवान राम की नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण शुरू होने की बहुप्रतीक्षित घड़ी अंतत: आ गई है। आज सुबह से गर्भगृह पर पहले टेस्ट पिलर की ढलाई शुरू हो गई है।

श्रीराम जन्मभूमि परिसर में यह पिलर तैयार होने के बाद यहां विशेषज्ञ इसे मजबूती की कसौटी पर कसेंगे। सब कुछ ठीक पाए जाने के बाद इसी तरीके के 12 सौ और स्तंभ तैयार होंगे, जिन पर मंदिर की नींव रखी जाएगी। टेस्ट पिलर सौ फीट गहरा और एक मीटर व्यास का होगा। इस पिलर में भरने के लिए कंक्रीट फिलहाल बाहर से मंगाया जा रहा है। पिलर की ढलाई के गड्ढे खोदने का काम शुरू करने के साथ ही अन्य पिलर के लिए गड्ढे खोदने का काम भी शुरू कर दिया गया है। यहां पर रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए 1200 पिलर बनने हैं। गड्ढों को 700 फीट की गहराई तक कुएं की शक्ल में खोदकर उसमें पाइलिंग का काम किया जाएगा।

यहां पर निर्माण एजेंसी का बैचिंग प्लांट अभी तैयार नहीं हो सका है। वैकल्पिक गर्भगृह के पीछे उसके लिए फाउंडेशन तैयार किया जा रहा है। इस कार्य में लगभग एक सप्ताह का समय लगने की संभावना है। सैकड़ों फीट नीचे तक खुदाई करने के लिए दो रिंग मशीनें परिसर में पहुंच चुकी हैं, जबकि अभी इतनी ही मशीनें और आएंगी। मंदिर की नींव की मजबूती को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। नींव को इतना मजबूत बनाया जाना है कि वह करीब 1500 वर्ष तक अडिग रहे।

राम नगरी में इस कार्य की निगरानी आइआइटी चेन्नई के अलावा देश के कई अन्य चुनिंदा विशेषज्ञ कर रहे हैं। इसी नींव पर 161 फीट ऊंचा भव्य मंदिर बनाया जाएगा। इन्हीं पिलर पर बनने वाला तीन तल का मंदिर सदियों तक अक्षुण्ण रहेगा। माना जा रहा है कि तीन से साढ़े तीन वर्षों में मंदिर निर्माण का कार्य पूरा होगा।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच अगस्त को देश के दिग्गज साधु-संतों की मौजूदगी में यहां पर श्रीराम मंदिर के लिए भूमि पूजन के साथ नींव की पूजा की थी।