केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने कहा- कोरोना काल में पीएम मोदी की कोशिशों से ही मिली विदेशी मदद

भाजपा नेता ने कहा- लोगों का जीवन बचाने के लिए मोदी उठा रहे हर कदम।

लोगों का जीवन बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर कदम उठा रहे हैं। कोरोना की पहली लहर के दौरान हमने कई देशों की मदद की थी जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश देश हमारे साथ खड़े हैं। कई देशों के प्रधानमंत्रियों ने भारत की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है।

Bhupendra SinghMon, 10 May 2021 01:15 AM (IST)

नई दिल्ली, एएनआइ। कोरोना संक्रमण से निपटने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा की जा रही आलोचना का जवाब देते हुए वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार को कहा कि सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों की वजह से ही इस संकट काल में अधिकांश देशों से भारत को मदद मिल पा रही है।

भाजपा नेता ने कहा- लोगों का जीवन बचाने के लिए मोदी उठा रहे हर कदम

भाजपा नेता ने कहा कि लोगों का जीवन बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर कदम उठा रहे हैं। कोरोना की पहली लहर के दौरान हमने कई देशों की मदद की थी, जिसके परिणामस्वरूप आज अधिकांश देश हमारे साथ खड़े हैं। कई देशों के प्रधानमंत्रियों समेत कई नेताओं ने भारत की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा- संकट के दौर में राहुल गांधी करते हैं राजनीति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संकट के इस दौर में अगर राहुल गांधी राजनीति करना चाहते हैं तो वह ऐसा कर सकते हैं। याद दिला दें कि देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साधते रहे हैं।

ऑक्सीजन किल्लत दूर करने के लिए सीपीसीबी ने उठाए कड़े कदम

आक्सीजन किल्लत दूर करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने देशभर में 45 उद्योगों की 400 इकाइयां चिह्नित की हैं। इन सभी इकाइयों में स्थापित नाइट्रोजन संयंत्रों से आक्सीजन उत्पादन किया जाए तो भी इनका संचालन प्रभावित नहीं होगा। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश पर सीपीसीबी ने इस दिशा में रविवार को 'पोर्टल फार कन्वर्जन आफ नाइट्रोजन प्लांट टू मेडिकल आक्सीजन प्लांट' शुरू कर दिया है। इच्छुक इकाइयों के संचालक इस पोर्टल पर आवेदन कर नाइट्रोजन संयंत्र से आक्सीजन उत्पादन करने के लिए सीपीसीबी से आधिकारिक स्वीकृति ले सकते हैं। खास बात यह कि 27 उद्योगों ने इस दिशा में पहल करते हुए कदम भी आगे बढ़ा दिए हैं, जबकि शेष 18 उद्योगों के भी शीघ्र ही नाइट्रोजन संयंत्र से आक्सीजन उत्पादन शुरू कर दिए जाने की संभावना है।

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