राजस्थान में कांग्रेस का दामन थामने वाले विधायक बोले- बसपा में बेचे जाते थे टिकट

जयपुर, जेएनएन। राजस्थान में कांग्रेस का दामन थामने वाले विधायकों ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और पार्टी की सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधा है। पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने कहा कि बसपा में लोकतंत्र नहीं बचा था। रुपये लेकर टिकट दिए जाते थे। उन्होंने कांग्रेस और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत में पूर्ण निष्ठा जताई और मायावती के उस बयान को गलत बताया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस को अनुसूचित जाति और ओबीसी विरोधी बताया था। विधायकों ने कहा कि देश में कांग्रेस ने हमेशा अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और ओबीसी वर्ग के हितों की रक्षा की है । गौरतलब है कि बसपा के सभी छह विधायकों ने सोमवार को सत्तारूढ़ दल कांग्रेस का हाथ थाम लिया था।

बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि बसपा में पैसे लेकर टिकट दिए जाते हैं। बसपा में आंतरिक लोकतंत्र बिल्कुल नहीं है । दैनिक जागरण से बातचीत में गुढ़ा ने कहा कि छह विधायकों के बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का एक बड़ा कारण सीएम अशोक गहलोत की लोकतंत्र, अनुसूचित जाति के लोगों और गरीबों के प्रति आस्था है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बसपा का प्रदेश में कोई नेतृत्व नहीं है। उत्तर प्रदेश के नेता राजस्थान में पार्टी चलाते हैं। गौरतलब है कि गुढ़ा इससे पहले भी बसपा में पैसे के लेनदेन के आरोप लगा चुके हैं।

विधायकों ने मायावती पर लगाए आरोप

कांग्रेस में शामिल होने वाले बसपा के दूसरे विधायक दीपचंद खेरिया ने कहा कि मायावती द्वारा कांग्रेस को आंबेड़कर और अनुसूजित जाति विरोधी बताना गलत है। कांग्रेस में हमेशा से ही अनुसूजित जाति के लोगों की बात सुनी जाती रही है। उन्होंने कहा कि मायावती खुद की राजनीति चमकाने के लिए अनुसूजित जाति और आंबेड़कर के नाम का उपयोग करती हैं।

मैं तो पहले भी कांग्रेस में था

बसपा छोड़ने वाले तीसरे विधायक जोगेंद्र ¨सह अवाना ने कहा कि मैं तो पहले भी कांग्रेस में था । एनएसयूआइ और युवक कांग्रेस में पदाधिकारी रहा हूं, लेकिन परिस्थितियों के कारण बसपा में चला गया । विधायक बना तो सीएम अशोक गहलोत से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हो गया । विधायक लाखन सिंह ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए कांग्रेस में शामिल हुआ हूं।

बसपा ले रही कानूनी सलाह

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष सीताराम मेघवाल ने पार्टी बदलने वाले विधायकों को लालची बताते हुए कहा कि पार्टी इस मामले में कानूनी सलाह ले रही है । इस तरह लालच देकर कैसे दल-बदल किया जाता है, इस बारे में कानून के जानकारों से बात कर रहे हैं।

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