Covid 2nd Wave: एक साल का समय होने के बावजूद मोदी सरकार ने नहीं की कोई तैयारी- सोनिया गांधी

सोनिया ने कोरोना से खराब हुए हालात पर जताई चिंता, 25 वर्ष से कम के लोगों को टीका लगाया जाए।

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने में केंद्र सरकार का भारी कुप्रबंधन और अक्षमता देखने को मिली है। सोनिया गांधी ने मांग की कि 25 वर्ष से कम के लोगों को भी वैक्सीन लगाई जाए।

Nitin AroraSat, 17 Apr 2021 05:41 PM (IST)

नई दिल्ली, प्रेट्र। देश में कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि सालभर का समय होने के बावजूद वह कोई तैयारी नहीं कर सकी। उन्होंने 25 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण करने और लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया। इन सुझावों को सरकार को भी भेजा जाएगा।कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी) की वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए सोनिया ने कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों, दवाओं और यंत्रों को जीएसटी से मुक्त करने का आहान भी किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का हमेशा से मानना रहा है कि कोरोना महामारी से लड़ाई एक राष्ट्रीय चुनौती है और उसे पार्टी की राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि कार्यसमिति की ओर से रखे गए सुझाव पर सच्चे लोकतंत्र की भावना के अनुरूप विचार किया जाएगा। केंद्र पर कुछ राज्यों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए सोनिया ने कहा वह कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के अनुरोध पर चुप्पी साध लेती है। 

उन्होंने कहा, 'राजनीतिक विरोधियों के बजाय इस चुनौतीपूर्ण समय को भारतीय की तरह लेना ही सच्चा राजधर्म होगा।'भारत के संक्रमण की उच्चतम दर वाले देशों में शुमार होने का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि टीकों का निर्यात रोका जाना चाहिए और भारतीयों को बचाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों की प्रति हमारी उदारता से हमारे उन हजारों लोगों की मदद कैसे होगी जो मर रहे हैं। 

सोनिया ने आरोप लगाया कि विपक्ष के रचनात्मक सुझावों को सुनने के बजाय केंद्रीय मंत्रियों के जरिये विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा गया।सरकार को कई सुझाव देते हुए सोनिया ने कहा कि टीकाकरण की न्यूनतम उम्र 25 साल करने के साथ ही विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे उससे कम उम्र के लोगों को भी टीके लगाए जाएं। उन्होंने कहा, 'केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर नियंत्रण के लिए आंशिक कफ्र्यू, यात्रा प्रतिबंधों और लाकडाउन के उपाय अपना रही हैं, हम एक बार फिर आर्थिक गतिविधियों को प्रतिबंधित कर रहे हैं जिससे पहले से ही कठिन हालात से जूझ रहे लोग प्रभावित होंगे, खासकर गरीब और रोज कमाने-खाने वाले।' उन्होंने कहा, इसलिए लोगों को मासिक आय सहायता और प्रत्येक पात्र नागरिक के खाते में छह हजार रुपये की राशि स्थानांतरित करना जरूरी है।

दिल्ली में रुकने के बजाय बंगाल में रैलियां कर रहे पीएम : चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में कोरोना महामारी की स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली में रुकने के बजाय वह बंगाल में रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। जबकि उन्हें दिल्ली में रहकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समन्वय करना चाहिए और उन्हें आश्वस्त करना चाहिए कि टीकों, आक्सीजन और वेंटीलेटरों की उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा।

टीकों के निर्यातक देश को आयात पर होना पड़ा मजबूर : प्रियंका

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री को ऐसा पायलट करार दिया जिसने इमरजेंसी के दौरान सिर्फ इजेक्ट बटन दबाने के लिए बोर्डिग पासों पर अपने फोटो चस्पा करवा दिए। उन्होंने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाला है कि टीकों के निर्यातक देश को सरकार के 70 साल के प्रयासों को विफल करते हुए टीकों के आयात के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रियंका ने कहा उत्तर प्रदेश में 10 दिन में संक्रमण सात गुना हो गया है। अब यह गांवों की ओर भी बढ़ रहा है। शहरों में टेस्ट की भयानक कमी है और उनमें से आरटीपीसीआर आधे से भी कम हो रहे हैं बाकी एंटीजन हैं। लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी, प्रयागराज में टेस्ट में प्रतीक्षा सूची है। अगर प्रदेश को बचाना है तो अधिकतम आरटीपीसीआर टेस्ट करिए।

 

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