सोनिया गांधी ने कोरोना वैक्सीनेशन पर दिया जोर, सचिवों से कहा- सुनिश्चित करें की कम हो वैक्सीन की बर्बादी

कोरोना महामारी और पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ी कीमतों को लेकर मोदी सरकार के विरोध की तैयारी के तहत गुरुवार को कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में AICC की बैठक शुरू हो गई है। इसमें पार्टी के महासचिवों व प्रदेश प्रभारी को भी आमंत्रित किया गया है।

Monika MinalThu, 24 Jun 2021 08:11 AM (IST)
सोनिया गांधी ने बुलाई AICC की बैठक, कोरोना महामारी व देश के राजनीतिक हालात पर चर्चा

नई दिल्ली, एएनआइ। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को वर्चुअल मीटिंग में पार्टी सचिवों से कोरोना वैक्सीन को लेकर काम करने की अपील की और यह सुनिश्चित करें की वैक्सीन की बर्बादी कम हो।उन्होंने पार्टी नेताओं से केंद्र सरकार पर इस बात के लिए दबाव बनाने को कहा इस साल के अंत तक 75 फीसद आबादी का पूर्ण वैक्सीनेशन हो जाए। कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने ट्वीट में कहा 'कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक में खाद्य तेल, दाल, घर में दैनिक उपयोग की वस्तुओं, ईंधन की बढ़ी कीमतों को लेकर दुख व्यक्त किया। बैठक में सोनिया गांधी ने आम आदमी के दुख को जाहिर किया।'

सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आज अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) की बैठक हुई। इस वर्चुअल बैठक में पार्टी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी भी शामिल हुए। बैठक से पहले यह संभावना जताई जा रही थी कि पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्यवृद्धि को लेकर मोदी सरकार के विरोध का खाका खींचा जाएगा। इसके अलावा कोरोना महामारी की मौजूदा स्थिति और देश के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा होने की संभावना है। बीते दिनों देश भर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों और महंगाई के खिलाफ कांग्रेस ने जगह-जगह प्रदर्शन किए थे।

एआइसीसी की यह बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई है। इसमें विधानसभा चुनाव की तैयारियां और आगे की रणनीति तय करने को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। देश में 6 विधानसभा चुनाव होने हैं जिसको लेकर कांग्रेस नए विचारों व नीतियों के साथ उतरने की तैयारी में है।  आज बुलाई गई कमिटी की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पंजाब व राजस्थान जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में पार्टी के सीनियर नेताओं के बीच मतभेद की खबर है। इसलिए प्रदेश कार्यकारिणी गठन को लेकर भी बैठक में विचार-विमर्श किया जा सकता है।

पंजाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह व पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के गुटों के बीच तनाव है तो राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व डिप्टी सचिन पायलट के बीच विवाद है। बता दें कि पंजाब कांग्रेस में कलह को लेकर गठित तीन सदस्यीय पैनल और पंजाब के मुख्यमंत्री की इस माह के शुरुआत में मुलाकात हुई थी। पैनल ने पार्टी के विधायकों, सांसदों और अन्य नेताओं से भी मुलाकात की थी जिसके बाद पैनल के सदस्यों ने सोनिया गांधी को एक रिपोर्ट सौंपी थी। इस पैनल में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और एआइसीसी के पंजाब मामलों के प्रभारी महासचिव हरीश रावत (Harish Rawat) और पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल (JP Aggrawal) शामिल थे।

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