शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद टीवी के एक शो के एंकर पद से दिया इस्‍तीफा, बताई इसकी वजह

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने रविवार को संसद के पूरे शीतकालीन सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित होने के बाद संसद टीवी के एक शो के एंकर पद से इस्‍तीफा दे दिया है। इसकी उन्‍होंने वजह भी बताई है।

Krishna Bihari SinghSun, 05 Dec 2021 04:03 PM (IST)
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद टीवी के एक शो के एंकर पद से इस्‍तीफा दे दिया है।

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने रविवार को संसद के पूरे शीतकालीन सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित होने के बाद संसद टीवी के एक शो के एंकर पद से इस्‍तीफा दे दिया है। इसकी उन्‍होंने वजह भी बताई है। राज्‍यसभा सभापति एम. वेंकैया नायडू को लिखे पत्र में शिवसेना सांसद ने कहा है कि बहुत पीड़ा लेकिन जिम्मेदारी की भावना के साथ मैं आपको सूचित करना चाहती हूं कि मैं संसद टीवी के शो मेरी कहानी के एंकर का पद छोड़ना चाहती हूं।  

राज्यसभा से अपने निलंबन को मनमाना बताते हुए उन्होंने कहा- ऐसे में जब संविधान की मेरी प्राथमिक शपथ से मुझे इनकार किया जा रहा है... मैं संसद टीवी के शो मेरी कहानी के एंकर पर काम करना जारी रखने के लिए तैयार नहीं हूं। उन्होंने आगे कहा कि पिछले सत्र में आचरण के लिए 12 सांसदों का निलंबन संसद के इतिहास में कभी नहीं हुआ। आज मुझे उनके लिए बोलने और एकजुटता से खड़े होने की जरूरत है। साथ ही हमें 12 सांसदों के निलंबन की इस घटना को कभी नहीं भूलना चाहिए।

इसके साथ ही शिवसेना सांसद ने राज्‍यसभा अध्‍यक्ष एम. वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उन्हें उक्‍त जिम्मेदारी के योग्य मानने और उन्हें अवसर देने के लिए धन्यवाद भी दिया। बता दें कि मानसून सत्र के आखिरी दिन कथित रूप से हंगामा करने के आरोप में विपक्षी दलों के 12 सांसदों को संसद के शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया गया है। केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पहले राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू को उनके सांसदों के आचरण के बारे में पत्र लिखा था जो मानसून सत्र के आखिरी दिन चौंकाने वाली हिंसा के लिए जिम्‍मेदार बताए गए थे।

गौरतलब है कि राज्यसभा के 12 सदस्यों के निलंबन के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस मसले पर उच्च सदन के नेता पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा था कि इसका कोई समाधान कैसे निकलेगा जब अनुचित आचरण के लिए निलंबित किए गए सदस्य माफी मांगने तक को राजी नहीं हैं। गोयल ने बताया कि कुछ सदस्यों ने इस मसले पर मुझसे संपर्क साधा था। मैंने उनसे कहा कि माफी मांगना आसन के प्रति एक शिष्टाचार है। इस पर सदस्‍यों का कहना था कि हम माफी नहीं मांग सकते।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.