राम मंदिर और 370 के बाद चर्चा में आया जनसंख्या नियंत्रण बिल, भाजपा सांसद ने PM मोदी को लिखा पत्र

राम मंदिर और 370 के बाद चर्चा में आया जनसंख्या नियंत्रण बिल, भाजपा सांसद ने PM मोदी को लिखा पत्र

ध्यान रहे कि बीते साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसंख्या नियंत्रण की जरूरत पर बल दिया था।

Publish Date:Sun, 09 Aug 2020 08:07 AM (IST) Author: Shashank Pandey

नई दिल्ली, जेएनएन। राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद-370 के खात्मे जैसी अभूतपूर्व उपलब्धियों के बाद अब सरकार पर जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में कदम बढ़ाने का दबाव बढ़ने लगा है। भाजपा के राज्यसभा सदस्य अनिल अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आगामी सत्र में बिल लाने का आग्रह किया है। ध्यान रहे कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने जनसंख्या नियंत्रण की जरूरत पर बल दिया था।

पिछले दिनों में जिस तरह भाजपा सरकार ने एक के बाद एक कदम बढ़ाएं हैं उसने आत्मविश्वास बढ़ा दिया है। यह भी माना जाता रहा है कि मोदी अपने भावी फैसलों और कदमों के पूर्व संकेत दे देते हैं। ऐसे में अनिल अग्रवाल का खत अहम है। उन्होंने कहा है कि भगवान हर काम के लिए निमित्त तलाशते हैं। राम मंदिर के लिए 500 साल का इंतजार तब खत्म हुआ जब मोदी प्रधानमंत्री बने। अब जनसंख्या नियंत्रण का वक्त है।

छोटा परिवार रखने वाले देशभक्‍त की तरह- PM मोदी

बता दें कि पिछले वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने भी जनसंख्या विस्फोट पर चिंता जताते हुए कहा था कि इससे अनेक संकट पैदा होते हैं। सीमित परिवार रखने को उन्होंने देशभक्ति से जोड़ा था। बीते साल 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन के दौरान जनसंख्या विस्फोट को लेकर पीएम चिंतित दिखे। उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि जनसंख्या पर अंकुश में वे सहयोग करें।

उन्होंने कहा था कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए जनसंख्या विस्फोट कई समस्याओं का कारण बनेगा, लेकिन जनता की एक सतर्क श्रेणी ऐसी भी है जो एक बच्चे को दुनिया में लाने से पहले यह सोचते हैं कि वह उस बच्चे के साथ न्याय कर पाएंगे या नहीं, वह जो कुछ भी चाहता है उसे वह सबकुछ दे पाएंगे या नहीं। उनका परिवार छोटा है और वह इसके माध्यम से अपनी देशभक्ति जाहिर करते हैं। हमें उनसे सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे परिवार की नीति का पालन करने वाले राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं, यह भी देशभक्ति का एक रूप है। 

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