top menutop menutop menu

राष्ट्रपति भवन के पारंपरिक एट होम सेरेमनी में भी दिखा कोरोना का असर, छोटी रही मेहमानों की सूची

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) की ओर से स्‍वतंत्रता दिवस (Independence Day) के मौके पर राष्ट्रपति भवन में शनिवार शाम को रिसेप्‍शन 'एट होम सेरेमनी' का आयोजन किया गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh), उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू (Vice President Venkaiah Naidu) और लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिड़ला (Lok Sabha Speaker Om Birla present) समेत आला दिग्‍गज शामिल हुए। कोरोना काल में शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए इस बार भोज के लिए चुनिंदा मेहमान ही आमंत्रित किए गए थे। 

लुटियंस दिल्ली के प्रभावशाली लोगों के साथ इस बार कोरोना वारियर्स भी खास तौर से बुलाए गए। अमूमन हर साल राष्ट्रपति के भोज में लगभग 1200 मेहमान बुलाए जाते हैं। लेकिन इस बार यह संख्या 100 लोगों के भीतर ही सीमित रही। खास लोगों में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस.जयशंकर मौजूद रहे।

समारोह में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर, सीडीएस जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाने, नौसेना अध्‍यक्ष करमबीर सिंह और वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया भी शामिल हुए। समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना संकट के चलते पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार कार्यक्रम साधारण तरीके से किया गया। सुरक्षा को ध्‍यान में रखते देखते हुए लोगों को दूर दूर बैठने की व्यवस्था की गई थी।

अन्य विशिष्ट लोगों में कई कैबिनेट मंत्री, न्यायपालिका के सदस्यों और कई दिग्गज नौकरशाह भी दिखाई दिए। इन सभी विशिष्ट मेहमानों को अपने जीवनसाथी को साथ लाने की अनुमति नहीं थी। इस बार के भोज में बफे सिस्टम से परहेज किया गया। एक मेज पर चार मेहमान बैठाए गए। राष्ट्रपति और पीएम से लेकर सभी को मास्क लगाना अनिवार्य था। मेहमान कम बुलाने के बावजूद इस बार 25 कोरोना वारियर्स भी आमंत्रित किए गए। इनमें डाक्टर, पुलिस के हेड कांस्टेबिल और अस्पताल के कर्मचारी शामिल रहे।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कल शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में पूर्वी लद्दाख में चीन की हरकतों को लेकर कड़ी चेतावनी दी थी। गलवन के बलिदानी सैनिकों का स्मरण करते हुए राष्ट्रपति ने कहा था कि सीमा पर अशांति पैदा करने की कोशिश की गई तो भारत इसका माकूल जवाब देने में सक्षम है। चीन का नाम लिए बिना राष्ट्रपति ने कहा था कि पड़ोसी देश ने चालाकी से अपनी विस्तारवादी गतिविधियों को अंजाम देने का दुस्साहस किया है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.