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55 साल के हुए गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया खास ट्वीट

55 साल के हुए गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया खास ट्वीट
Publish Date:Tue, 22 Oct 2019 10:00 AM (IST) Author: Ayushi Tyagi

नई दिल्ली, पीटीआइ। गृह मंत्री अमित शाह आज (मंगलवार) 55 वर्ष के हो गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनके लिए खास संदेश लिखा है। पीएम ने अमित शाह को बधाई देते हुए उन्हें एक कर्मठ, अनुभवी,कुशल संगठनकर्ता बताया। पीएम ने अपने ट्वीट में लिखा कि मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।

पीएम ने आगे लिखा कि सरकार में बहुमूल्य  भूमिका निभाने के साथ ही वे भारत को सशक्त और सुरक्षित करने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ईश्वर उन्हें दीर्घायु करे और सदा स्वस्थ रखे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर  ने भी शाह को शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया कि आपने भारत को सशक्त बनाने के लिए आपने काफी योगदान दिया है। भगवान आपको लंबी आयु और अच्छा स्वास्थ्य दें।

 

शुरुआती दिनों में संघ से जुड़े

1964 में मुंबई में जन्मे शाह अपने शुरुआती दिनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे। शाह ने गुजरात सरकार में गृह मंत्री के तौर पर कार्य किया। इस वक्त पीएम मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे। 

2014 में भाजपा की जीत में निभाई अहम भूमिका

अपनी संगठनात्मक क्षमताओं के लिए आधुनिक दिनों की राजनीति के 'चाणक्य' कहे जाने वाले शाह को राजनीतिक क्षेत्र में काफी विशाल अनुभव हैं। 2014 में भाजपा अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद से, शाह कई राज्यों में चुनावी जीत के लिए पार्टी का नेतृत्व करने में सहायक रहे हैं खासकर के पूर्वोत्तर राज्यों में। वह 2014 में उत्तर प्रदेश के पार्टी प्रभारी थे। उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगियों को आम चुनावों में 80 में से 73 सीटें जीतने में मदद की।

2019 में भी किया जमकर प्रचार

2019 के लोकसभा चुनावों में भी शाह ने भाजपा के चुनाव अभियान का प्रबंधन करने के साथ ही पार्टी के लिए जोरदार प्रचार भी किया, जिससे पार्टी ने 303 सीटें जीतती है। इसी के साथ 1971 के बाद भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ लौटने वाली पहली पार्टी बन गई। 2019 में शाह गांधीनगर से पहली बार लोकसभा सांसद चुने गए और उन्हें मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया । इसी के साथ गृह मंत्रालय की कमान उनके हाथों में दे दी गई।

जुलाई-अगस्त में संसद के मानसून सत्र के दौरान, शाह ने जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के उद्देश्य से एक विधेयक पारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया जिसने राज्य को विशेष अधिकार दिया था।

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