ऑक्‍सीजन की सुचारू आपूर्ति के लिए पीएम मोदी का बड़ा फैसला, पीएम-केयर्स फंड से होगी एक लाख कंसेंट्रेटर की खरीद

प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम कार्स फंड से एक लाख पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की खरीद को मंजूरी दे दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि इन ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर को जल्द से जल्द खरीद लिया जाना चाहिए और कोरोना की तगड़ी मार झेल रहे राज्यों को मुहैया कराया जाना चाहिए।

Krishna Bihari SinghWed, 28 Apr 2021 06:30 PM (IST)
प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम कार्स फंड से एक लाख पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की खरीद को मंजूरी दे दी है।

नई दिल्ली, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फंड से एक लाख पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स की खरीद को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने इनकी जल्द से जल्द खरीद करने और उन्हें संक्रमण के ज्यादा मामलों वाले राज्यों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं पिछले दिनों अस्पतालों में 713 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की मंजूरी देने के बाद सरकार ने बुधवार को पीएम केयर्स फंड के तहत 500 और आक्सीजन प्लांट लगाने की अनुमति प्रदान कर दी। 

बढ़ेगी ऑक्सीजन की उपलब्‍धता 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और कहा कि इससे देश के अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ेगी। प्लांट्स लगाने की टेक्नोलाजी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने निजी क्षेत्र की कंपनियों से साझा करने का फैसला किया है।

उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया फैसला 

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान जारी कर बताया कि तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति में सुधार के उपायों पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में उक्त फैसला लिया गया। स्वीकृत किए गए 500 आक्सीजन प्लांट में से 380 प्लांट निजी क्षेत्र की कंपनियां लगाएंगी जबकि बाकी 120 प्लांट वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर) के तहत इंडियन इंस्टीट्यूट आफ पेट्रोलियम, देहरादून के साथ काम कर रही इंडस्ट्री की ओर से लगाए जाएंगे। 

डीआरडीओ ने भी उठाए कदम 

डीआरडीओ ने वायुसेना के हल्के लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान के दौरान आनबोर्ड ऑक्सीजन निर्माण के लिए विकसित अपनी मेडिकल आक्सीजन प्लांट (एमओपी) टेक्नोलाजी सभी 500 आक्सीजन प्लांट के लिए देने का फैसला किया है।

93 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन बनेगी 

डीआरडीओ के अनुसार, एमओपी टेक्नोलाजी से 93 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन का निर्माण किया जा सकता है और इसमें तीन फीसद का ऊपर-नीचे मार्जिन हो सकता है। इतनी शुद्धता के चलते अस्पताल सीधे कोरोना मरीजों को यह आक्सीजन दे सकते हैं। इतना ही नहीं मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडरों में भी यह ऑक्सीजन भरी जा सकती है।

अस्पतालों को मिलेगी मदद 

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, डीआरडीओ के एमओपी से कोरोना महामारी के दौरान शहरी और ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति में बड़ी मदद मिलेगी। अस्पताल खुद ही इस तकनीक के सहारे कम खर्च में ऑक्सीजन का निर्माण कर सकेंगे। डीआरडीओ लेह-लद्दाख के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में इस तकनीक के आधार पर कुछ ऑक्सीजन प्लांट लगाकर सफलतापूर्वक इनका संचालन कर चुका है।

दिए गए आर्डर 

डीआरडीओ ने अब देशभर में एमओपी लगाने के लिए सप्लाई आर्डर जारी कर दिया है। टाटा एडवांस सिस्टम्स, बेंगलुरु को 332 मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने का आर्डर दिया गया है। जबकि कोयंबटूर की ट्राईडेंट न्यूमेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड को 48 एमओपी लगाने का आर्डर गिया गया है। 

टेक्नोलाजी ट्रांसफर की प्रक्रिया 

रक्षा मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि हर महीने करीब 125 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर उनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा और तीन महीने में सभी 500 एमओपी काम करने लगेंगे। इन ऑक्सीजन प्लांट में प्रति मिनट 1,000 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा और इनसे प्रतिदिन 190 मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी। डीआरडीओ ने इन दोनों निजी कंपनियों को अपनी एमओपी टेक्नोलाजी ट्रांसफर करने की प्रक्रिया भी पूरी कर दी है।

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