त्रिपुरा हिंसा में नहीं हुई किसी ग्रूप की पहचान, सभी धार्मिक स्थलों को दी सुरक्षा: राज्यसभा में नित्यानंद राय ने दी जानकारी

त्रिपुरा हिंसा पर राज्यसभा में राय ने बताया अल्पसंख्यकों के खिलाफ अफवाहें और अभद्र भाषा फैलाने के लिए किसी विशिष्ट समूह की पहचान नहीं की गई है। हालांकि अफवाह/सांप्रदायिक घृणा आदि फैलाने वाले सोशल मीडिया में दुर्भावनापूर्ण पोस्ट के संबंध में 6 मामले दर्ज किए गए हैं।

Nitin AroraPublish:Wed, 01 Dec 2021 01:28 PM (IST) Updated:Wed, 01 Dec 2021 01:28 PM (IST)
त्रिपुरा हिंसा में नहीं हुई किसी ग्रूप की पहचान, सभी धार्मिक स्थलों को दी सुरक्षा: राज्यसभा में नित्यानंद राय ने दी जानकारी
त्रिपुरा हिंसा में नहीं हुई किसी ग्रूप की पहचान, सभी धार्मिक स्थलों को दी सुरक्षा: राज्यसभा में नित्यानंद राय ने दी जानकारी

नई दिल्ली, एएनआइ। त्रिपुरा में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के संदर्भ में केंद्र द्वारा राज्यसभा में जानकारी दी गई है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने त्रिपुरा में हाल ही में हुई हिंसा पर राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, 'त्रिपुरा सरकार ने जानकारी दी है कि संपत्ति के नुकसान की कुछ छिटपुट घटनाएं हुई हैं। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान राज्य में इन घटनाओं को लेकर 15 मामले दर्ज किए गए हैं।'

गृह राज्य मंत्री ने आगे बताया, 'ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए, त्रिपुरा सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया है। रात में मोबाइल, इंटरनेट के संबंध में सख्ती की और नियमित पेट्रोलिंग जारी रही है। सभी धार्मिक स्थलों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है।'

त्रिपुरा हिंसा पर राज्यसभा में राय ने बताया, 'अल्पसंख्यकों के खिलाफ अफवाहें और अभद्र भाषा फैलाने के लिए किसी विशिष्ट समूह की पहचान नहीं की गई है। हालांकि, अफवाह/सांप्रदायिक घृणा आदि फैलाने वाले सोशल मीडिया में दुर्भावनापूर्ण पोस्ट के संबंध में 6 मामले दर्ज किए गए हैं।'

बता दें कि बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में विश्व हिंदू परिषद की एक रैली के दौरान त्रिपुरा के कई हिस्सों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना रिपोर्ट हुई थी। हालांकि, सरकार ने इससे इनकार किया और आरोप यह भी था कि हिंसा में मस्जिद को भी आग लगाई गई, लेकिन इस आरोप को भी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फर्जी बताया था।

इस बीच सांप्रदायिक हिंसा और इसे लेकर राज्य पुलिस की मिलीभगत की स्वतंत्र जांच के लिए दायर याचिका की सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया है कि घटनाओं की गंभीरता के बावजूद पुलिस द्वारा उपद्रवियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप लगाया गया कि मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने वाले लोगों में से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।