पिछड़ों को आरक्षण जरूरी, लेकिन सिर्फ रिजर्वेशन से नहीं होगा दलितों का भला : गड़करी

मुंबई, एएनआइ। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने सोमवार को नागपुर के एक कार्यक्रम में आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब कुछ लोग टिकट पाने में असफल हो जाते हैं तो वह आरक्षण कार्ड का इस्तेमाल करते हैं।

सिर्फ आरक्षण से ही नहीं होगा भला
गड़करी नागपुर में महात्मा फुले एजुकेशन सोसाइटी की 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम बोल रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दलित समुदाय के सामजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के विकास के लिए आरक्षण जरूरी है, लेकिन सिर्फ आरक्षण से ही उनका विकास होना मुश्किल है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक कदमों से समुदाय के विकास पर जोर देने की बात कही।

आरक्षण पर इन नेताओं का दिया उदाहरण
इसके अलावा गड़करी ने कहा कि क्या इंदिरा गांधी जाति के आधार पर सत्ता में आईं थीं। साथ ही उन्होंने बताया कि अशोक गहलोत भी पिछड़े वर्ग से ही आते हैं और वह राजस्थान के मुख्यमंत्री बने, दूसरी जाति के लोगों ने भी उनकी मदद की। इसी दौरान उन्होंने जॉर्ज फर्नांडिस का भी उदाहरण दिया और कहा कि वे किसी जाति से नहीं थे, वे तो ईसाई थे, लेकिन हर समुदाय के लोगों से उन्हें प्यार मिला।

महिला आरक्षण पर भी कही ये बात
केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने आरक्षण के मुद्दे पर महिला आरक्षण की मांग का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, पहले लोग कहते थे कि महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए और मैं कहता था कि हां मिलना चाहिए, लेकिन इसी के साथ मेरा एक सवाल भी होता था। मैं उनसे पूछता था कि इंदिरा गांधी क्या आरक्षण के सहारे राजनीति में आयीं और वर्षों तक देश की प्रधानमंत्री रहीं। क्या सुषमा स्वराज और वसुंधरा राजे को महिला आरक्षण की वजह से इतना सम्मान मिला। 

PM मोदी की तारीफ
इस अवसर पर गड़करी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी ने कभी भी अपनी जाति को आधार बनाकर राजनीति नहीं की। बता दें कि माली समाज के कुछ लोगों ने इस दौरान उनसे आगामी विधानसभा चुनाव में उनके लिए और अधिक प्रतिनिधित्व और टिकटों की मांग की थी। बाद में उनकी इस मांग पर ही गड़करी ने यह बातें कहीं।

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