लोहिया जयंंती: PM मोदी ने कहा, उनके सिद्धांतों से छल करनेवाले कल देशवासियों के साथ भी छल करेंगे

नई दिल्ली, जेएनएन। 23 मार्च को खाटी समाजवादी नेता डॉ. राममनोहर लोहिया का जन्मदिवस है। उत्तर प्रदेश को राजनीति की प्रयोगशाला बनाकर देश की राजनीति करने वाले डॉ. लोहिया का जन्म अकबरपुर जिले में हुआ। वह आजादी के आंदोलन में सक्रिय रहे और उसके बाद देश की राजनीति में नया दौर लाया। राममनोहर लोहिया ने देश के पहले प्रधानमंत्री प. जवाहर लाल नेहरु के खिलाफ चुनाव लड़ा। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू लगातार दो बार 1952 और 1957 फूलपुर से सांसद चुने गए। तीसरी बार 1962 के चुनाव में डॉ. राम मनोहर लोहिया फूलपुर से उनके खिलाफ चुनाव लड़े, लेकिन वह हार गए। 1963 में उत्तर प्रदेश की फर्रुखाबाद सीट से लोकसभा पहुंचे।

डॉ. राम मनोहर लोहिया कहते थे, कि समाजवादी दल हिंदुस्तान के इतिहास में पहला राजनीतिक दल है, जिसने जाति प्रथा को समझा और राष्ट्रवर्धक जाति-तोड़ो नीति को चलाया है। उनके द्वारा दी गई समाजवाद की अवधारणा से देश के कई कद्दावर नेता पैदा हुए। उन्होंने ने सिर्फ समाजवाद पर लिखा बल्कि कृषि को आधुनिक बनाने तथा अन्नदाताओं के सशक्तीकरण को लेकर काफी कुछ लिखा है।

आज उनके जन्म दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें याद किया है। प्रधानमोदी मोदी ने ट्विटर पर ब्लॉग का लिंक शेयर करते हुए लिखा, 'जो लोग आज डॉ. लोहिया के सिद्धांतों से छल कर रहे हैं, वही कल देशवासियों के साथ भी छल करेंगे।'

वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट करते हुए डॉ. लोहिया को याद किया। उन्‍होंने लिखा है कि भारतीय राजनीति में समाजवाद और ग़ैर कांग्रेसवाद को स्थान दिलाने वाले एवं समाज के पिछड़े एवं शोषित वर्ग की आवाज़ को बुलंद करने वाले डा. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती पर मैं उन्हें सादर नमन करता हूँ। सार्वजनिक जीवन में उनका स्थान और योगदान कभी मिटाया और भुलाया नहीं जा सकता।

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