ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति और उत्‍पादन के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, आपदा प्रबंधन कानून लागू किया

गृह मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं राज्यों के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाए...

देश में ऑक्‍सीजन और रेमडेसिविर की भारी किल्‍लत हो गई है। ऑक्‍सीजन टैंकरों को राज्‍यों में रोके जाने की शिकायतों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सख्‍त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं राज्यों के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाए...

Krishna Bihari SinghThu, 22 Apr 2021 03:37 PM (IST)

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। देश में कोरोना संक्रमण के चलते स्थिति विकराल हो गई है। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्‍या ने सरकार के सभी इंतजामों पर पानी फेरने का काम किया है। ऑक्‍सीजन और रेमडेसिविर की भारी किल्‍लत हो गई है। हालांकि सरकार ऑक्‍सीजन की आपूर्ति को सुचारू करने के लिए पूरी कोशिशें कर रही है। ऑक्‍सीजन टैंकरों को राज्‍यों में रोके जाने की शिकायतों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सख्‍त रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को मेडिकल ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति, उत्‍पादन और उसके अंतरराज्यीय परिवहन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कठोर आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत उक्‍त आदेश जारी किए हैं।मंत्रालय ने गुरुवार को निर्देश दिए कि राज्यों के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। यही नहीं ऑक्सीजन ले जाने वाले वाहनों के अंतर-राज्य आवाजाही की अनुमति दी जाए। मंत्रालय ने कहा है कि इस आदेश की अवहेलना होने की शिकायत मिलने पर संबंधित जिले के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जवाबदेह होंगे। राज्यों को चिकित्सकीय ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित किए जाने की खबरों के मद्देनजर यह आदेश जारी हुआ है।

गृह सचिव भल्ला ने कहा कि कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त और निर्बाध उपलब्धता बेहद जरूरी है। ऐसे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखना जरूरी है। ऐसे में आपदा प्रबंधन कानून के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्‍तेमाल करते हुए केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को अपने अधिकार क्षेत्र में निम्न निर्देशों का पालन सुनिश्चत करने का निर्देश जारी करती है। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि ऑक्सीजन उत्पादकों पर अधिकतम सीमा की कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय का यह बयान ऐसे वक्‍त में सामने आया है जब दिल्‍ली सरकार ने इसकी आपूर्ति प्रभावित होने को लेकर सीधे केंद्र सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है। दिल्‍ली के उप-मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को आरोप लगाया कि ऐसे में जब केंद्र सरकार ने दिल्ली का ऑक्सीजन का आवंटन बढ़ा दिया है तो हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारें ऑक्‍सीजन लेकर आ रहे टैंकरों को रोक रही हैं। उन्‍होंने सवाल उठाया कि आखिर में हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारें इस तरह का व्यवहार क्यों कर रही हैं। ऐसा लग रहा है जैसे दिल्ली का उत्तर प्रदेश और हरियाणा से झगड़ा है।

दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि आज दिल्ली में चारों तरफ ऑक्सीजन के लिए त्राही त्राहि इसलिए मची हुई है क्योंकि हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने ऑक्सीजन को लेकर जंगलराज मचा रखा है। वहां की सरकारें, अधिकारी, पुलिस वहां के ऑक्सीजन प्लांट से दिल्ली के लिए ऑक्सीजन नहीं निकलने दे रहे हैं। उन्‍होंने केंद्र सरकार से गुहार लगाई कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए अन्‍यथा स्थिति बेहद विकराल हो जाएगी। उन्‍होंने बताया कि दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन पूरी तरह खत्म हो गई है। सरोज, राठी, शांति मुकुंद, तीरथ राम अस्पताल, यूके अस्पताल, जीवन अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं है।    

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