बहुत खास होगी नरेंद्र मोदी की आगामी ढाका यात्रा, बांग्लादेश गठन के स्वर्णजयंती समारोह में हिस्सा लेंगे पीएम

मोदी शेख हसीना के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे

भारत पहले से ही पोर्ट रेलवे कनेक्टिवटी को लेकर बांग्लादेश में कई परियोजनाएं चला रहा है लेकिन सूत्रों का कहना है कि अभी कई नई परियोजनाओं को लेकर दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है। इनमें से कुछ की घोषणाएं पीएम मोदी की यात्रा के दौरान होंगी।

Arun kumar SinghSun, 28 Feb 2021 07:25 PM (IST)

 नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। वर्ष 2015 के बाद से भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय रिश्ते लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं, लेकिन इस महीने पीएम नरेंद्र मोदी की ढाका यात्रा के बाद से रिश्तों में नई ऊंचाई आने की उम्मीद है। मोदी बांग्लादेश के गठन के 50 वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में हिस्सा लेंगे। मोदी शेख हसीना के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और भारत की मदद से वहां शुरू होने वाली कुछ नई परियोजनाओं का एलान करेंगे। 

भारत चाहता है बांग्लादेश के साथ विशेष आर्थिक समझौता

भारत की विदेश नीति में बांग्लादेश की बढ़ती अहमियत इस बात से समझी जा सकती है कि पीएम मोदी की यह पिछले एक वर्ष में पहली विदेश यात्रा होगी। मोदी 26-27 मार्च, 2021 को बांग्लादेश की यात्रा पर होंगे। यह भी एक संयोग है कि पीएम के बांग्लादेश दौरे के वक्त ही बंगाल समेत पांच राज्यों में चुनाव शुरू होगा। बांग्लादेश में पीएम मोदी की तरफ से की जाने वाली घोषणाओं को लेकर अभी विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, रेल मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय समेत कुछ दूसरे मंत्रालयों के बीच विमर्श चल रहा है। 

पीएम मोदी की यात्रा के दौरान होंगी कई परियोजनाओं की घोषणा

भारत पहले से ही पोर्ट, रेलवे कनेक्टिवटी को लेकर बांग्लादेश में कई परियोजनाएं चला रहा है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अभी कई नई परियोजनाओं को लेकर दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है। इनमें से कुछ की घोषणाएं पीएम मोदी की यात्रा के दौरान होंगी। भारत अपने इस पड़ोसी देश के साथ आर्थिक रिश्तों को प्रगाढ़ करने के लिए भी कुछ प्रस्तावों पर विचार कर रहा है। इसमें एक समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता भी शामिल है। 

बांग्लादेश को एक बड़े बाजार के तौर पर देख रही हैं भारतीय कंपनियां

सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश न सिर्फ एशिया में सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है, बल्कि वर्ष 2024 तक यह विकासशील देशों में शुमार होने लगेगा। अभी इसे सबसे कम विकसित देशों की श्रेणी (एलडीसी) में रखा जाता है। भारतीय कंपनियां बांग्लादेश को एक बड़े बाजार के तौर पर देख रही हैं। कई कंपनियां बांग्लादेश में इंडियन इकोनॉमिक जोन्स भी स्थापित कर रही हैं। आने वाले दिनों में कई भारतीय कंपनियों के वहां प्लांट लगाए जाने की संभावना है। यही वजह है कि भारत बांग्लादेश के साथ विशेष आर्थिक साझेदारी समझौता करना चाहता है।

बंगाल और बांग्लादेश के बीच आवाजाही होगी आसान

एक संयोग यह भी है कि 27 मार्च, 2021 को बांग्लादेश से सटे बंगाल राज्य में विधानसभा चुनाव की शुरुआत होगी। इसके एक दिन पहले पीएम मोदी बांग्लादेश पहुंचेंगे। माना जा रहा है कि वह बंगाल और बांग्लादेश के बीच कुछ कनेक्टिविटी परियोजनाओं का एलान करेंगे, जिससे दोनों क्षेत्रों के नागरिकों के बीच आवाजाही आसान हो सकेगी।

सनद रहे कि पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच यह सहमति बनी थी कि वर्ष 1965 से पहले तक दोनों देशों के बीच जितने रेल मार्ग संचालित थे, उन सभी को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। इनमें से छह रेल मार्ग ऐसे हैं जो भारतीय राज्य बंगाल को बांग्लादेश से जोड़ते हैं। भारत इन सभी रेल मार्गों को आधुनिक बना रहा है। मोदी की यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इसी हफ्ते ढाका जाएंगे।

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