एमपी में कांग्रेस ने जारी की नौ उम्मीदवारों की दूसरी सूची, भाजपा से आए तीन नेताओं पर लगाया दांव

मध्य प्रदेश उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने जारी की दूसरी सूची
Publish Date:Sun, 27 Sep 2020 05:06 PM (IST) Author: Dhyanendra Singh

भोपाल, राज्य ब्यूरो। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में होने वाले 28 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के लिए रविवार को नौ और प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए। इसी के साथ कांग्रेस ने अब तक 24 प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं। रविवार को जारी सूची में पार्टी ने भाजपा से आए तीन नेताओं पर दांव लगाया है। इनमें सुरखी, सुमावली और ग्वालियर पूर्व सीट शामिल है। दूसरी ओर, मालवा अंचल से बदनावर से अभिषेक सिंह टिंकू बना, सुवासरा से राकेश पाटीदार और मांधाता से उत्तम राजनारायण सिंह को उम्मीदवार बनाया है। उत्तम के पिता राजनारायण सिंह विधायक रह चुके हैं।

अब शेष चार सीटों मुरैना, मेहगांव, मलहरा और ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार पार्टी 29 सितंबर के बाद घोषित करेगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के अनुमोदन से नौ प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की है। इसमें भाजपा से आए अजब सिंह कुशवाहा को सुमावली से चुनाव मैदान में उतारा गया है। कुशवाहा ने पिछला विधानसभा चुनाव इसी सीट से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर एदल सिंह कंषाना के खिलाफ लड़ा था और पराजित हो गए थे। कंषाना अब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं और चुनाव भी लड़ेंगे, वहीं सागर जिले की सुरखी से भाजपा की पूर्व विधायक पारल साहू को उम्मीदवार बनाया गया है। साहू 2013 में इसी सीट से भाजपा विधायक रह चुकी हैं।

मूंगावली से कन्हैयाराम लोधी को बनाया उम्मीदवार

इसी तरह ग्वालियर पूर्व से सतीश सिकरवार को प्रत्याशी बनाया है। वे भाजपा के पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार के भाई हैं। पार्टी ने जौरा से पंकज उपाध्याय, पोहरी से पूर्व विधायक हरिवल्लभ शुक्ला, मुंगावली से कन्हैयाराम लोधी को उम्मीदवार बनाया है।

सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने सर्वे को टिकट का आधार बनाया है। रणनीति के तहत मुरैना, मेहगांव, मलहरा और ब्यावरा सीट के उम्मीदवारों के नाम रोके गए हैं। 29 सितंबर को चुनाव आयोग की प्रस्तावित बैठक के बाद निर्णय लिया जाएगा।

शेखावत की संभावनाएं खत्म

कांग्रेस की दो सूची जारी होने के बाद भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री दीपक जोशी व भंवर सिंह शेखावत की कांग्रेस में जाने की संभावनाएं अब खत्म हो गई हैं। दोनों नेताओं ने कई बार भाजपा के अलग-अलग प्लेटफार्म पर नाराजगी जाहिर की थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दीपक जोशी को हाटपीपल्या से प्रत्याशी बनाए जाने के लिए पुरजोर कोशिश की, वहीं बदनावर से भाजपा के पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत पर भी कांग्रेस ने डोरे डाले थे पर उसे कामयाबी नहीं मिल पाई।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.