विरोधियों पर भड़कीं नोबेल विजेता अर्थशास्‍त्री अभिजीत बनर्जी की मां, कहा- विचारों का सम्मान करें

कोलकाता, जेएनएन। अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अभिजीत बनर्जी की मां निर्मला देवी ने अपने बेटे की आलोचना करने वालों की जमकर खिंचाई है। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उनके बेटे की आलोचना करने वालों को विरोधियों के विचारों का भी सम्मान करना चाहिए। यह भी कहा कि उनके बेटे के बारे में भला-बुरा कहकर विरोधी अपनी बातों को सही साबित नहीं कर पाएंगे।

गौरतलब है कि रेलमंत्री पीयूष गोयल ने अभिजीत को वामपंथी विचारधारा से प्रभावित बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि अभिजीत की न्यूनतम आय वाली योजना 'न्याय' को देश की जनता ने खारिज कर दिया। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने भी अभिजीत पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह अपने अर्थशास्त्र को बंगाल के एक गांव में भी सफलतापूर्वक लागू करके दिखाएं। राहुल ने यह भी कहा था कि विदेशी महिला से दूसरी शादी करने वालों को ही मुख्य रूप से नोबेल पुरस्कार मिल रहा है।

अभिजीत बनर्जी की ऐसी आलोचनाओं पर उनकी मां निर्मला देवी कहा था कि जो लोग अभिजीत के व्यक्तिगत जीवन और उसकी दूसरी शादी को लेकर बातचीत कर रहे हैं, उन्हें अगर लगता है कि विदेशी महिला से दूसरी शादी करने पर नोबेल पुरस्कार मिलना सुनिश्चित हो सकता है तो वे खुद ऐसा क्यों नहीं कर लेते। ऐसा करने पर हमारे आसपास बहुत से नोबेल विजेता हो जाएंगे। मेरे बेटे के खिलाफ जो बातें कही गई हैं, मैं उन पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी। यह उनकी अभिव्यक्ति की आजादी और विशेषाधिकार है, लेकिन इस तरह से वे अपनी बातें साबित नहीं कर पाएंगे।

पीएम मोदी से मुलाकात आज

अभिजीत मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। मां इसे लेकर भी बेटे को सावधान करना चाहती हैं। बता दें अभिजीत ने मोदी सरकार की अर्थनीति की आलोचना करते हुए कहा था कि मांग घट रही है, जो चिंताजनक है। आंकड़ों को लेकर भी भ्रम है। इसके बाद रेलमंत्री पीयूष गोयल व भाजपा नेता राहुल सिन्हा द्वारा अभिजीत की आलोचना के परिप्रेक्ष्य में निर्मला देवी चाहती हैं कि उनका बेटा पीएम मोदी से सोच-समझकर कोई बात करे।

अब 'डैमेज कंट्रोल' में जुटी बंगाल भाजपा

अभिजीत बनर्जी के खिलाफ बयानबाजी को लेकर भाजपा ने 'डैमेज कंट्रोल' करते हुए अपने नेताओं को उनके खिलाफ अब कोई टिप्पणी नहीं करने का निर्देश दिया है। पार्टी का मानना है कि अभिजीत के खिलाफ बयानबाजी से बंगाल में उसकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है क्योंकि राज्य की जनता इसे अच्छी नजर से नहीं ले रही है। बंगाल भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कहा-'राज्य के लोग अपने नायकों को लेकर काफी संवेदनशील हैं। नोबेल पुरस्कार जीतने के बाद बंगाल में अभिजीत बनर्जी का कद काफी ऊंचा हो गया है और हमें प्रवाह के खिलाफ तैरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।' 

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