सियासी की बिसात पर भाजपा ने चला बड़ा दांव, अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा

अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण को लेकर दिल्ली में वर्षो से सियासत होती रही है। सियासी लाभ के लिए इन कॉलोनियों को नियमित करने के वादे होते रहे।

By Bhupendra SinghEdited By: Publish:Wed, 23 Oct 2019 11:37 PM (IST) Updated:Thu, 24 Oct 2019 07:17 AM (IST)
सियासी की बिसात पर भाजपा ने चला बड़ा दांव, अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा
सियासी की बिसात पर भाजपा ने चला बड़ा दांव, अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा

संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली की 1797 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के केंद्र सरकार के फैसले से भाजपा में जश्न का माहौल है। विधानसभा चुनाव से पहले आए इस फैसले में पार्टी अपना सियासी लाभ देख रही है, क्योंकि यह राजधानी में रहने वाले लगभग 40 लाख लोगों से जुड़ा विषय है। वैसे तो पूरी दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियां स्थित हैं, लेकिन 22 विधानसभा क्षेत्रों में इनकी संख्या ज्यादा है। ऐसे में चुनाव से पहले इन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए भाजपा ने बड़ा दांव खेल दिया है।

मोदी सरकार ने दिल्ली के साथ न्याय किया- भाजपा

भाजपा नेताओं का कहना है कि अनधिकृत कॉलोनियों को लेकर पहले कांग्रेस और बाद में आम आदमी पार्टी (आप) ने लोगों को धोखा दिया है। वहीं, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दिल्ली के लाखों लोगों के साथ न्याय किया है।

अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण पर सियासत

अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण को लेकर दिल्ली में वर्षो से सियासत होती रही है। प्रत्येक चुनाव में राजनीतिक पार्टियां सियासी लाभ के लिए इन कॉलोनियों को नियमित करने का वादा करती रही हैं। दिल्ली की सियासत में इनकी भूमिका को देखते हुए लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया था। इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने के साथ ही कॉलोनियों को नियमित करने के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी।

उपराज्यपाल ने कमेटी की रिपोर्ट केंद्र सरकार को दस जून को सौंपी थी

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने छह मार्च को उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। कमेटी को 90 दिनों के अंदर संपत्ति के स्वामित्व या हस्तांतरण अधिकारों की प्रक्रिया को लेकर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को देनी थी। दस जून को कमेटी ने रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी थी। इसके बाद बुधवार को केंद्र ने दिल्ली में अनधिकृकत कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा कर दी।

भाजपा का विपक्ष पर आरोप

इस दौरान दिल्ली भाजपा के नेता आप सरकार पर कॉलोनियों को नियमित करने में बाधा डालने का आरोप लगाते रहे हैं। इसे लेकर 22 सितंबर को पार्टी ने 22 विधानसभा क्षेत्रों में न्याय अभियान भी चलाया था। इसमें पार्टी के बड़े नेताओं ने आप सरकार और पूर्व की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा था।

भाजपा ने साधा आप पर निशाना

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी सहित अन्य नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार ने वर्ष 2014 में ही इन कॉलोनियों को नियमित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया था, लेकिन दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कभी सहयोग नहीं किया। इन कॉलोनियों के सीमांकन के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई पत्र दिल्ली सरकार को लिखे गए, लेकिन इसके बावजूद कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद भी मोदी सरकार ने दिल्ली की जनता के हित में बड़ा फैसला किया है। भाजपा नेताओं ने बताया कि पार्टी कॉलोनियों में कार्यक्रम आयोजित कर जनता को बताएगी कि किस तरह से दूसरी पार्टियों ने इस मुद्दे पर उनके साथ धोखा किया है और भाजपा ने उन्हें उनका हक दिलाया है।

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