मल्लिकार्जुन खड़गे ने कोविड पर पीएम को दिए छह सुझाव, राहुल गांधी ने निशाना साधा

राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी

राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोना के मौजूदा हालात से उबरने के लिए छह सुझाव दिए हैं। इसमें कोरोना से लड़ने का ब्लूप्रिंट तैयार करने और वैक्सीन के लिए बजट में आवंटित 35 हजार करोड़ रुपये तत्काल जारी करने का सुझाव है।

Arun Kumar SinghSun, 09 May 2021 09:40 PM (IST)

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोना के मौजूदा हालात से उबरने के लिए छह सुझाव दिए हैं। इसमें सबसे पहले सर्वदलीय बैठक बुलाकर कोरोना से लड़ने का ब्लूप्रिंट तैयार करने और कोरोना वैक्सीन के लिए बजट में आवंटित 35 हजार करोड़ रुपये तत्काल जारी करने का सुझाव है। साथ ही वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग की नीति को खत्म करने की बात कही है। 

देश को पीएम आवास नहीं सांस चाहिए : राहुल गांधी

वहीं कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने ट्विटर पर फिर से सेंट्रल विस्टा परियोजना के निर्माण पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने पर सवाल उठाया और प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत निशाना साधते हुए कहा, 'देश को पीएम आवास नहीं सांस चाहिए।' इसके साथ ही उन्होंने आक्सीजन के लिए लाइन में लगे लोगों की एक तस्वीर भी साझा की। ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल ने मोदी सरकार पर हालात से नहीं निपटने के लिए निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि शहरों के बाद अब गांव भी परमात्मा पर निर्भर हो गए हैं।

कोरोना की लड़ाई में इससे जुड़ी चीजों पर जीएसटी नहीं लगाने के लिए कहा  

इधर, खड़गे ने कोरोना की लड़ाई में सबसे अहम वैक्सीन, पीपीई किट, आक्सीजन, वेंटीलेटर, सेनेटाइजर और एंबुलेंस पर जीएसटी नहीं लगाने को कहा है। कोरोना के लिए आ रही राहत सामग्रियों के त्वरित वितरण के साथ इसे कहां-कहां दिया गया, इसकी भी स्पष्ट जानकारी दिए जाने की बात उठाई है।

कांग्रेस नेता ने कोरोना के मौजूदा हालात को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के तहत काम के दिनों की संख्या बढ़ाकर 200 दिन करने का भी सुझाव पीएम को दिया है। राज्यसभा में नेता विपक्ष ने सभापति वेंकैया नायडू को भी पत्र लिखकर संसद की स्थायी समिति की बैठक बुलाने की मांग की है।

साथ ही स्वास्थ्य संबंधी संसदीय स्थाई समिति की रिपोर्ट जिसमें कोरोना की दूसरी लहर के खतरों के मद्देनजर आक्सीजन की कमी दूर करने का सुझाव दिया था, उस पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का नोटिस लिए जाने की बात भी कही है।

 

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