मध्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने कहा- मेरे बच्चे नहीं लेंगे आरक्षण का लाभ

मंत्री ने अतिरिक्त पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मेडिकल कॉलेजों में 27 फीसद एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10 फीसद आरक्षण देने के केंद्र सरकार के निर्णय की प्रशंसा करते हुए उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय है।

Dhyanendra Singh ChauhanMon, 02 Aug 2021 12:37 AM (IST)
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रामखिलावन पटेल की फाइल फोटो

भोपाल, राज्य ब्यूरो। मध्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रामखिलावन पटेल ने रविवार को कहा कि उनकी दोनों बेटियां पढ़ाई और नौकरी में आरक्षण का लाभ नहीं लेंगी। हालांकि समाज से अपील करने की बात पर मंत्री ने कहा कि यह व्यक्तिगत मामला है। किसी को आरक्षण लेने या न लेने को नहीं कहा जा सकता है।

मंत्री ने अतिरिक्त पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मेडिकल कॉलेजों में 27 फीसद एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10 फीसद आरक्षण देने के केंद्र सरकार के निर्णय की प्रशंसा करते हुए उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय है।

उन्होंने बताया कि इससे वर्तमान शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस में 550 और पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में एक हजार से ज्यादा ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों को लाभ होगा।

मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से हर साल डेढ़ हजार ओबीसी विद्यार्थियों को पीजी और ढाई हजार विद्यार्थियों को स्नातक में लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कमल नाथ सरकार ने ओबीसी को 27 फीसद आरक्षण का लाभ तो दिया, पर स्थगन भी ले लिया। इस कारण इस वर्ग को लाभ नहीं मिल पाया। भाजपा की सरकार बनने के बाद इस मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई और सरकार ने हर सुनवाई में महाधिवक्ता को भेजा। इसका असर यह हुआ कि कोर्ट ने 14 फीसद आरक्षण दे दिया और 13 फीसद को रोका है, जो जल्द ही मिलेगा।

ऐसी घोषणा के कोई मायने नहीं

मध्य प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता अजय मिश्रा ने बताया कि ऐसी घोषणा के कोई मायने नहीं हैं क्योंकि ओबीसी में क्रीमीलेयर की व्यवस्था पहले से लागू है। ऐसे में किसी परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रपये से ज्यादा है, तो ऐसा परिवार स्वत: ही आरक्षण के दायरे से बाहर हो जाता है। ये जबरिया की घोषणा है।

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