भारत-अमेरिका रिश्तों को नई दिशा देगी जयशंकर- ब्लिंकन वार्ता, पहली भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री

अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत के साथ रिश्तों में बड़े बदलाव की तो उम्मीद नहीं है लेकिन वर्ष 2024 तक द्विपक्षीय रिश्तों की दिशा कैसी होगी इसे तय करने में बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के बीच की बैठक अहम होगी।

Arun Kumar SinghTue, 27 Jul 2021 10:19 PM (IST)
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत के साथ उसके रिश्तों में कोई बड़े बदलाव की तो उम्मीद नहीं है, लेकिन वर्ष 2024 तक द्विपक्षीय रिश्तों की दिशा कैसी होगी, इसे तय करने में बुधवार (28 जुलाई) को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंक न के बीच की बैठक काफी अहम होगी। बतौर विदेश मंत्री ब्लिंक न अपनी पहली भारत यात्रा पर मंगलवार देर शाम नई दिल्ली पहुंचे। उनके भारत में कदम रखने के साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने द्विपक्षीय रिश्तों पर एक बयान जारी किया जिसमें भारत को एक मजबूत रणनीतिक साझीदार बताया गया है।

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से होगी वार्ता

ब्लिंक न की पीएम नरेंद्र मोदी के साथ भी मुलाकात होने वाली है। ब्लिंक न पीएम मोदी को राष्ट्रपति जो बाइडन का संदेश देंगे जो खास तौर पर क्वाड देशों (भारत, अमेरिका, जापान, आस्ट्रेलिया) के प्रमुखों की बैठक से संबंधित होगा। इन नेताओं के बीच सितंबर, 2021 में होनेवाली बैठक को लेकर दोनों देशों के बीच संपर्क जारी है। भारत व अमेरिका के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी क्वाड से जुड़े मुद्दे काफी अहम रहने वाले हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश ¨हद प्रशांत क्षेत्र को पूरी तरह से मुक्त व सभी के लिए समान अवसर वाला बनाने के लिए कृतसंकल्प हैं। भारत को एक बड़ी वैश्विक शक्ति बताते हुए कहा गया कि कोविड-19 से जुड़े मामले व महामारी से निपटने को लेकर सहयोग का मुद्दा भी बातचीत में काफी महत्वपूर्ण होगा।

मोदी-बाइडन के बीच बैठक को लेकर तैयार होगी जमीन

सूत्रों का कहना है कि अब दोनों देशों के बीच लगातार उच्चस्तरीय व कई स्तरों पर संपर्क का सिलसिला जारी रहेगा। ब्लिंक न की यात्रा के बाद अमेरिकी सेना के स्पेशल आपरेशंस कमांड के कमांडर जनरल रिचर्ड डी क्लार्क भारत आ रहे हैं। इसके बाद अगस्त के पहले हफ्ते में अमेरिकी सेना प्रमुख जेम्स मैककोनविले भारत आएंगे। इन तीनों यात्राओं से दोनों देशों के बीच होने वाली आगामी टू प्लस टू (रक्षा व विदेश मंत्रियों की) वार्ता की जमीन तैयार होगी।

सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति बाइडन के बीच की पहली आमने-सामने मुलाकात को लेकर अभी कोई तिथि तय नहीं हुई है, लेकिन दोनों पक्ष जल्द से जल्द इसे होते देखना चाहते हैं। सनद रहे कि देश में कोरोना की स्थिति को देखते हुए पीएम मोदी समूह-20 बैठक में हिस्सा लेने ब्रिटेन नहीं जा सके जिससे उनकी बाइडन से मुलाकात नहीं हो सकी थी।

बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा

जयशंकर और ब्लिंक न के बीच बैठक में क्षेत्रीय मुद्दे भी उठेंगे। दोनों पक्षों की तरफ से बताया गया कि अफगानिस्तान की स्थिति एक बड़ा मुद्दा होगा। साथ ही चीन व भारत के बीच सैन्य तनाव का मुद्दा भी उठने की संभावना है। अमेरिकी पक्ष रक्षा मुद्दों को लेकर ज्यादा जोर दे रहा है। इस बात का प्रमाण उसके विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान है।

अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत को 20 अरब डालर की सैन्य सामग्रियों की बिक्री को हरी झंडी दिखाई है। दोनों देशों के बीच कई रक्षा उपकरणों को साथ मिलकर विकसित करने और उनका निर्माण करने पर भी बात हो रही है। इसके अलावा इस बैठक में भारत की तरफ से वैक्सीन निर्माण में जरूरी अमेरिकी कच्चे माल का मुद्दा उठाया जाएगा। साथ मिलकर दूसरे देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराने की रणनीति पर भी बात होगी।

 

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