100 करोड़ टीकाकरण पर कांग्रेस ने स्वास्थ्यकर्मियों को दी बधाई, सरकार से किया सवाल

कांग्रेस ने जान हथेली पर रखकर कोरोना की जंग में शामिल डाक्टरों और तमाम चिकित्साकर्मियों को टीकों की 100 करोड़ डोज लगाने पर बधाई देते हुए इस पर जश्न मनाने के लिए सरकार पर निशाना साधा है। कोरोना जांच आयोग बनाने की मांग की है।

TaniskThu, 21 Oct 2021 09:40 PM (IST)
कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने जान हथेली पर रखकर कोरोना की जंग में शामिल डाक्टरों और तमाम चिकित्साकर्मियों को टीकों की 100 करोड़ डोज लगाने पर बधाई देते हुए इस पर जश्न मनाने के लिए सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि जश्न मनाने से कोरोना काल में हुई लाखों मौतों के जख्म नहीं भरेंगे और दूसरी लहर के दौरान हुई आपराधिक लापरवाही की जवाबदेही मांगने का समय आ गया है। कांग्रेस ने इसके लिए निष्पक्ष कोरोना जांच आयोग के गठन की मांग करते हुए कहा कि टीकाकरण की मौजूदा गति धीमी है और सरकार बताए कि 74 करोड़ वयस्क जनसंख्या को बाकी बचीं 106 करोड़ डोज कब तक लगेंगी।

कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि देश की 139 करोड़ की आबादी में 103 करोड़ वयस्क हैं और सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 29 करोड़ लोगों को टीके की दोनों डोज लग चुकी हैं और 42 करोड़ लोगों को एक डोज लगी है। 32 करोड़ वयस्क आबादी को एक भी डोज नहीं लगी है। इसका अर्थ हुआ कि दिसंबर के आखिर तक 74 करोड़ लोगों को 106 करोड़ डोज लगनी बाकी हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार चाहे कितना ढिंढोरा पीटे पर हकीकत यह है कि दोनों डोज लगाने वाले 20 प्रमुख देशों में भारत का स्थान 19वां है।

सुरजेवाला ने दूसरी लहर में हुई लाखों लोगों की मौत की बात उठाते हुए कहा कि सरकार के आंकड़ों के अनुसार 4.53 लाख लोगों की मौत हुई, मगर सर्वेक्षणों और विशेषज्ञों के मुताबिक मौतों का यह आंकड़ा 40 लाख से 65 लाख के बीच है और ऐसे में मौतों का नए सिरे से अध्ययन किया जाए। इसके लिए कोरोना जांच आयोग बने जो मौतों के अलावा आपराधिक लापरवाही की जांच कर उचित मुआवजे का भी फैसला करे। राजनीतिक दलों से चर्चा कर आयोग में निष्पक्ष विशेषज्ञों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अलावा न्यायाधीशों को भी रखा जाए।

सरकार के मुफ्त टीके की बात पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने पेट्रोलियम राज्यमंत्री रामेश्वर तेली का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के साफ कर दिया है कि पेट्रोल-डीजल पर टैक्स के जरिये कोरोना टीकों के लिए पैसा जुटाया गया है। उनके मुताबिक टीकाकरण पर 20,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे मगर सरकार ने तो पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस को महंगा कर लाखों करोड़ रुपये केवल कोरोना काल में जनता से वसूले हैं। सुरजेवाला ने भारत में बनने वाली बायोलाजिकल ई-वैक्सीन की मंजूरी में देरी और पांच से 17 साल तक के बच्चों का टीका आने में हो रहे विलंब को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि इनको लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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