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नगालैंड विस अध्यक्ष को सात एनपीएफ विधायकों के खिलाफ कार्यवाही पूरी करने का निर्देश

कोहिमा, पीटीआइ। गुवाहाटी हाईकोर्ट (Gauhati High Court) की कोहिमा पीठ ने नगालैंड विधानसभा अध्यक्ष शरिंगेन लॉन्गकुमेर (Sharingain Longkumer) को एनपीएफ के सात बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्य करार देने की कार्यवाही पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। यही नहीं अदालत ने नगालैंड विधानसभा अध्यक्ष (Nagaland Assembly Speaker) को छह हफ्ते के भीतर मामले में उचित आदेश देने के निर्देश जारी किए हैं।

मालूम हो कि एनपीएफ (NPF) ने 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करने के पार्टी के फैसले की अनदेखी करने के लिए अपने सात विधायकों को आयोग्य करार देने की अदालत से गुजारिश की थी। उक्‍त विधायकों ने चुनावों में एनडीपीपी का समर्थन करके पार्टी लाइन से अलग रास्‍ता अख्तियार किया था। अदालत में 13 महीनों से भी अधिक समय पहले 24 अप्रैल 2019 को अयोग्य करार देने की याचिका दाखिल की गई थी।

रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने मंगलवार को कहा कि अध्यक्ष को छह हफ्ते के भीतर कार्यवाही पूरी करने का निर्देश देना होगा। यही नहीं अदालत ने याचिकाकर्ताओं विधायक इम्कोंग एल इम्चेन और चोटीसु साजो के साथ ही प्रतिवादी सात विधायकों को आठ जून को व्यक्तिगत रूप से अध्यक्ष के सामने पेश होने के भी निर्देश दिए। आदेश के मुताबिक, ये लोग अपने अपने आधिकारिक प्रतिनिधियों के जरिए भी अध्यक्ष के समक्ष पेश हो सकते हैं।

इस बीच एनपीएफ ने कहा है कि उम्मीद है कि अध्यक्ष बिना किसी देरी के साथ मामले पर फैसला लेंगे। एनपीएफ ने अपने सात विधायकों ईई पेंगटेंग (EE Pangteang), ईशाक कोन्याक (Eshak Konyak), केजोंग चांग (Kejong Chang), बीएस नेंगलांग फोम (BS Nganglang Phom), टोयांग चांग (Toyang Chang), एन थोंगवांग कोन्याक (N Thongwang Konyak) और सीएल जॉन (CL John) के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी। 

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