केरल में लोकायुक्त की रिपोर्ट के खिलाफ पूर्व मंत्री केटी जलील की याचिका खारिज

जलील पर है लोकसेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप

लोकायुक्त की रिपोर्ट एक वित्तीय संस्थान में महाप्रबंधक के रूप में उनके एक रिश्तेदार की नियुक्ति से संबंधित सभी फाइलों और दस्तावेजों पर गौर करने के बाद पेश की गई थी। जलील ने 13 अप्रैल को एलडीएफ सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

Neel RajputTue, 20 Apr 2021 09:08 PM (IST)

कोच्चि, प्रेट्र। केरल हाई कोर्ट ने राज्य के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री केटी जलील को तगड़ा झटका दिया है। हाई कोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने लोकायुक्त की रिपोर्ट पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। लोकायुक्त की रिपोर्ट में जलील पर लोकसेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करने की बात कही गई है। उन पर अपने एक रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने का आरोप है।

न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार और न्यायमूर्ति के बाबू की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि लोकायुक्त की ओर से कोई प्रक्रियात्मक चूक नहीं हुई है। लोकायुक्त की रिपोर्ट एक वित्तीय संस्थान में महाप्रबंधक के रूप में उनके एक रिश्तेदार की नियुक्ति से संबंधित सभी फाइलों और दस्तावेजों पर गौर करने के बाद पेश की गई थी। लोकायुकत की रिपोर्ट के बाद जलील ने 13 अप्रैल को एलडीएफ सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

लोकायुक्त रिपोर्ट को चुनौती देते हुए जलील ने दलील दी थी कि उसके पास इस मामले में विचार करने की शक्ति नहीं है क्योंकि यह मामला अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम में योग्यता और नियुक्ति से संबंधित है और इसे केरल लोकायुक्त कानून के तहत जांच के दायरे से बाहर रखा गया है। राज्य सरकार ने भी जलील का समर्थन करते हुए कहा था कि उन्हें लोकायुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।

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