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इंदौर में प्रदर्शन के दौरान सुमित्रा महाजन समेत 353 भाजपा नेता और कार्यकर्ता गिरफ्तार

इंदौर में प्रदर्शन के दौरान सुमित्रा महाजन समेत 353 भाजपा नेता और कार्यकर्ता गिरफ्तार
Publish Date:Fri, 24 Jan 2020 05:47 PM (IST) Author: Arun Kumar Singh

इंदौर, जेएनएन। भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूरे प्रदेश में किए गए प्रदर्शन के दौरान भाजपा के सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। भाजपा ने प्रदेश सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया था। इस दौरान ब्यावरा की घटना को लेकर भी भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

353 नेता-कार्यकर्ताओं ने दी गिरफ्तारी

इंदौर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, महापौर मालिनी गौड़, सांसद शंकर लालवानी सहित 353 नेता-कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। नेताओं ने राजगढ़ कलेक्टर को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में पूर्व मंत्री बद्रीलाल यादव के खिलाफ हुई एफआईआर को लेकर भी नाराजगी जताई। 10 से ज्यादा बसों में कार्यकर्ताओं को जिला जेल ले जाया गया, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए 'माफिया' अभियान चला रही है। उसकी आड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनके निर्माण तोड़े जा रहे हैं। विदिशा में पूर्व विधायक धु्रवनारायण सिंह ने कहा कि राजगढ़ की घटना प्रजातंत्र के मुंह पर तमाचा है। लोकतंत्र में कलेक्टर जनसेवक होते हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार में वे खुद को खुदा समझने लगे हैं। गुना, होशंगाबाद, रायसेन, ग्वालियर सहित प्रदेशभर में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला।

बिना भेदभाव के हो रही कार्रवाई

प्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने इस प्रदर्शन को लेकर कहा कि माफिया और गुंडों को बचाने के लिए भाजपा नेता सरकार की कार्रवाई का विरोध और आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की कार्रवाई बिना भेदभाव के की जा रही है। सभी फरार माफिया जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी खींचतान भी हुई। राजगढ़ की कलेक्टर निधि निवेदिता के बारे में सुमित्रा महाजन ने कहा कि उन्हें झांसी की रानी बनने की क्या जरूरत थी। कार्यकर्ता तो मंदिर परिसर में खड़े थे। कलेक्टर क्यों वहां गई। उन्होंने कहा माफिया के नाम पर अत्याचार किया तो भाजपा सहन नहीं करेगी।

ज्ञात रहे कि 19 जनवरी को मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में निकाली गई भाजपा की रैली में जमकर हंगामा हुआ। बहस के दौरान कलेक्टर निधि निवेदिता ने भाजपा के एक नेता को चांटा मार दिया। पुलिस ने लाठियां भांजी। इसमें दो लोगों के सिर फूटे। इस दौरान राजगढ़ की डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा ने एक प्रदर्शनकारी के बाल खींचे और उनके साथ मार-पीट की। इस दौरान प्रिया वर्मा के साथ बदसलूकी भी की गई।

बाद में डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा के बाल खींचने और उनसे हाथापाई के आरोप में दो लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राजगढ़ में आयोजित प्रदर्शन के दौरान धारा -144 के उल्लंघन के लिए एफआइआर दर्ज की गई। इस एफआइआर में 124 लोगों का नाम है। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता  शिवराज सिंह चौहान ने राजगढ़ की घटना को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए कई ट्वीट किए। उन्होंने पूछा कि क्या डिप्‍टी कलेक्टर को भाजपा कार्यकर्ताओं को पीटने का आदेश मिला था।   

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