भय्याजी जोशी बोले- राम मंदिर पर निर्णय हिंदू समाज की भावनाओं के अनुरूप हो

भुवनेश्वर, संजय कुमार। राम मंदिर (Ram Mandir) मामले पर आरएसएस (RSS) के सर कार्यवाह भय्याजी जोशी (Bhaiyaji Joshi) ने कहा है कि दोनों पक्षों में समझौते की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन यह सफल नहीं हो सका। अब न्यायालय का निर्णय आना है। फैसला जो आएगा, उस समय देखेंगे। जहां तक फिर से समझौते की बात है तो इसका हम स्वागत करते हैं, लेकिन हिंदू समाज की भावनाओं के अनुकूल निर्णय होना चाहिए।

वह शुक्रवार को भुवनेश्वर में संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी (Akhil Bharatiya Karyakari Mandal) की बैठक के अंतिम दिन पत्रकारों से मुखातिब थे। इस मौके पर आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार व सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर भी उपस्थित थे। भय्याजी ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) पूरे देश में लागू होनी चाहिए। यह देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा सवाल है। इसलिए अवैध तरीके से रह रहे देश के बाहर के लोगों को चिह्नित कर उन्हें बाहर करना सरकार का दायित्व है।

बनना चाहिए सुरक्षित माहौल

भय्याजी ने अनुच्छेद 370 व कश्मीरी पंडितों के सवाल पर कहा कि सरकार ने 370 को हटाकर अच्छा काम किया है। जम्मू-कश्मीर से कश्मीरी पंडितों को अपने घरों को छड़ना पड़ा था। अब वहां कश्मीरी पंडितों की वापसी होनी चाहिए। भय्याजी जोशी ने कहा कि अब एक बार फिर कश्मीर में सुरक्षा का माहौन बनना चाहिए, ताकि कश्मीरी पंडितों की उनके अपने घरों में दोबारा वापसी हो सके।

कॉमन सिविल कोड देश के विकास के लिए बेहतर

पूरे देश में समान अचार संहिता लागू करने के सवाल पर कहा कि सरकार को इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए। देश के विकास के लिए यह जरूरी है। कानून अलग- अलग होने पर लोग गलत काम करके इसका सहारा लेकर बचने का प्रयास करते हैं। इसलिए सरकार को कामन सिविल कोड जल्द लागू करना चाहिए। देश के विकास के लिए अच्छा रहता।

आरएसस कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक संपन्न

भुवनेश्र्वर के सोया यूनिवर्सिटी कैंपस में चल रही संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक संघ प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन के साथ संपन्न हो गई।

बंगाल में हो रही हिंदुओं की हत्या पर सरकार को उठाना चाहिए कठोर कदम

भय्याजी जोशी ने कहा कि बंगाल में हिंदुओं की हत्याएं काफी दुखद है। जो बंगाल कभी शांतिप्रिय था, आज वहां हत्याओं का दौर चल पड़ा है। साम्यवादियों की सरकार के समय भी ऐसी ही स्थिति थी, इसलिए वर्तमान सरकार को वहां हो रही हत्याओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।

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