अपने आक्रामक तेवर के जरिए सोनिया गांधी ने अंसतुष्ट नेताओं का किया मुंह बंद, आजाद और आनंद शर्मा ने मिलाई हां में हां

CWC Meeting सोनिया गांधी के इन तेवरों ने कार्यसमिति की बैठक के मिजाज को ऐसा मोड़ दे दिया कि इसके बाद एक सुर से लगभग तमाम नेताओं ने राहुल गांधी से अध्यक्ष पद संभालने का आग्रह कर डाला।

Dhyanendra Singh ChauhanSat, 16 Oct 2021 09:41 PM (IST)
ब्लाक स्तर से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक के चुनाव कराने को कार्यसमिति की मंजूरी

संजय मिश्र, नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति में सोनिया गांधी के आक्रामक तेवरों ने बैठक के दौरान पार्टी में असंतोष के सुर की गुंजाइश खत्म कर दी। इसके बाद कार्यसमिति ने अगले साल सितंबर तक कांग्रेस के नए अध्यक्ष समेत संगठनात्मक चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी। कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि अगले चुनाव तक वे पार्टी की पूर्णकालिक ही नहीं सक्रिय अध्यक्ष हैं और किसी को मीडिया के जरिये उनसे बात करने की जरूरत नहीं है। सोनिया गांधी के इन तेवरों ने कार्यसमिति की बैठक के मिजाज को ऐसा मोड़ दे दिया कि इसके बाद एक सुर से लगभग तमाम नेताओं ने राहुल गांधी से अध्यक्ष पद संभालने का आग्रह कर डाला।

कांग्रेस कार्यसमिति ने पार्टी का कायाकल्प करने के लिए ब्लाक, जिला, प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराने के साथ सदस्यता अभियान के एक साल के पूरे कार्यक्रम को मंजूरी देते हुए इसका एलान कर दिया।

हर मुद्दे का पार्टी ने लिया है संज्ञान

सोनिया गांधी ने पार्टी के असंतुष्ट नेताओं की ओर से चलाए जा रहे अभियान और पार्टी में अध्यक्ष नहीं होने के कपिल सिब्बल के सवालों पर तीखा निशाना साधा। कहा कि मैं पूर्णकालिक और पूरी तरह सक्रिय अध्यक्ष हूं। पिछले दो वर्षो में ऐसा कोई मुद्दा नहीं है, जिसका संज्ञान नहीं लिया गया हो।

असंतुष्ट नेताओं की कम सक्रियता पर सवाल

सोनिया गांधी ने मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ पार्टी के कार्यक्रमों में असंतुष्ट नेताओं की कम सक्रियता को लेकर भी परोक्ष निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के युवा नेताओं ने पार्टी की नीतियों को जमीन तक पहुंचाने का नेतृत्व संभाल लिया है।

आजाद, आनंद शर्मा ने जताया सोनिया के नेतृत्व में भरोसा

सोनिया गांधी के इन तेवरों के बाद जी-23 के अगुआ गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा दोनों ने कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में भरोसा जताया और कहा कि उनके नेतृत्व को लेकर उन्होंने कभी सवाल नहीं उठाया था। इसके बाद पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव अगले साल सितंबर में कराने से लेकर ब्लाक-जिला व प्रदेश कांग्रेस संगठन के चुनाव कार्यक्रमों का भी इन दोनों नेताओं ने समर्थन किया। असंतुष्ट खेमे की मांग भी यही थी कि हर स्तर पर संगठन के चुनाव होने चाहिए।

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