पांच करोड़ सदस्य बनाने को कांग्रेस शुरू करेगी अभियान, जानिए- क्या है प्लान

नई दिल्ली, आइएएनएस। पार्टी से पांच करोड़ सदस्यों को जोड़ने के लिहाज से कांग्रेस अगले महीने से एक अभियान शुरू करेगी। खास बात यह है कि फर्जी सदस्यता से बचने के लिए डिजिटल प्रणाली का प्रयोग किया जाएगा। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी सर्कुलर में पार्टी नेताओं को महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड को छोड़ सभी राज्यों में सदस्यता के लिए डोर-टू-डोर अभियान शुरू करने के लिए कहा गया है। इन तीन राज्यों को फिलहाल इसलिए छोड़ा गया है, क्योंकि यहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं।

दरअसल, देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस अब फिर से उठ खड़ा होने की तैयारी कर रही है। इसी दिशा में एक महीने पहले ही एक बार फिर से सोनिया गांधी को पार्टी की बागडोर सौंपी गई है। राहुल गांधी ने पिछले लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया था। कांग्रेस की प्रतिद्वंद्वी भाजपा चुनावी सफलताओं और संगठनात्मक गतिविधियों के मामले में लगातार आगे बढ़ रही है। इसलिए अब कांग्रेस ने भी पांच करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि अभी भी यह भाजपा के 18 करोड़ के आंकड़े से काफी कम है।

नए सदस्यों की फोटो और वोटर आइडी कार्ड अपलोड करना जरूरी

सर्कुलर के मुताबिक, 'यह निर्णय लिया गया है कि सदस्यता अभियान डिजिटल और पारंपरिक पेपर दोनों के माध्यम से होगा। सभी संगठन और विभाग अपने-अपने बूथ क्षेत्रों में इस अभियान में भाग लेंगे।'

पार्टी ने अपने पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि नए सदस्यों का बायोडाटा, फोटो और वोटर आइडी कार्ड के साथ डिजिटल प्रारूप में अपलोड किया जाए। ऑनलाइन सदस्यता फॉर्म कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। फॉर्म में यह उल्लेख किया गया है कि नए सदस्य को पहचान प्रमाण के रूप में अपना ईपीआइसी (इलेक्शन आइ-कार्ड) अपलोड करना होगा। पर्याप्त जानकारी देने के बाद उन्हें पार्टी से मेल या मैसेज के माध्यम से सूचना मिलेगी।

रामलाल राही ने उठाया था फर्जी सदस्यता का मुद्दा

उत्तर प्रदेश की प्रभारी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा बुलाई गई हालिया बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री रामलाल राही ने फर्जी सदस्यता का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि सदस्यता अभियान कागजों पर नहीं बल्कि वास्तविक होना चाहिए। एक अन्य पार्टी ने नेता कहा था कि पार्टी को भाजपा और आरएसएस की तरह अपनी विचारधारा का प्रचार करना चाहिए। केवल कागजी सदस्यों के चलते पार्टी को पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है।

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