कर्नाटक: किसानों के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाला राजभवन चलो मार्च, सरकार को घेरा

किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने निकाला मार्च। (फोटो: एएनआइ)

नेता और कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख डीके शिवकुमार(DK Shivakumar) किसान आंदोलन को लेकर किसानों के समर्थन में आगे आए हैं। उन्होंने बेंगलुरु आने वाले किसानों को पुलिस द्वारा रोके जाने का विरोध किया और भाजपा पर निशाना साधा।

Publish Date:Wed, 20 Jan 2021 09:40 AM (IST) Author: Shashank Pandey

बेंगलुरू, एएऩआइ। कर्नाटक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांगोली रेलवे स्टेशन से बेंगलुरु के राजभवन तक 'राजभवन चलो' मार्च निकाला। विरोध प्रदर्शन राज्य सरकार के खिलाफ और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में किया जा रहा है। इस मौके पर मार्च में शामिल कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने राज्य सरकार को जमकर घेरा।

उन्होंने कहा कि हमारे किसानों को बेंगलुरु नहीं आने दे रहे हैं। यह सिर्फ कांग्रेस नहीं है, बल्कि किसान समुदाय भी इस (कृषि कानूनों) का विरोध कर रहे हैं, वे हमारे वाहनों को सड़कों पर रोक रहे हैं। जब तक एक्ट निरस्त नहीं किया जाता, हम लड़ेंगे।

इससे पहले नेता और कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख डीके शिवकुमार किसान आंदोलन को लेकर किसानों के समर्थन में आगे आए थे। कृषि कानूनों को लेकर केंद्र पर हमला बोलते हुए उन्होंने किसानों के समर्थन में कई बयान दिए हैं। कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने कहा है कि मुझे कई फोन आए कि कर्नाटक के अन्य जिलों से बेंगलुरु आने वाले किसानों को पुलिस द्वारा रोका जा रहा है और उन्हें बेंगलुरु आने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मैं किसानों से आग्रह करता हूं कि वे जहां भी हों, राजमार्गों, सड़कों को अवरुद्ध करें और किसानों के समर्थन में विरोध करें।

इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी हमला बोला। डीके शिवकुमार ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि मुझे पता है कि भाजपा सरकार किसानों को किसी भी कीमत पर रोकने की कोशिश कर रही है और उन्हें विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लेने दे रही है। मैं प्रदर्शनकारियों से सांगोली रायना प्रतिमा पर आने और भारी विरोध रैली में भाग लेने का अनुरोध करता हूं।

कांग्रेस आज सांगोली रायन्ना रेलवे स्टेशन से लेकर राजभवन तक किसानों के समर्थन में एक राजभवन चलो धरना प्रदर्शन कर रही है, जो नए अधिनियमित खेती कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इसमें तीनों कृषि कानून- किसान व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020; मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 पर किसान सशक्तिकरण और संरक्षण समझौता शामिल हैं।

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