देश से राम-राज की परिकल्पना ध्वस्त हो चुकी थी, फिर जनता ने मोदी को सौंपा शासन: अमित शाह

शाह ने मनमोहन सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव के पहले मनमोहन सरकार 10 वर्ष समाप्त कर चुकी थी। मनमोहन सिंह की सरकार में कैबिनेट के मंत्री खुद को ही प्रधानमंत्री मानते थे। देश के लिए कोई पालिसी नहीं थी।

Nitin AroraWed, 27 Oct 2021 01:19 PM (IST)
2014 आते-आते देश से राम-राज की परिकल्पना ध्वस्त हो चुकी थी, फिर जनता ने मोदी को सौंपा शासन: अमित शाह

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 2014 आते-आते देश से राम-राज की परिकल्पना ध्वस्त हो चुकी थी, जिसके बाद नरेंद्र मोदी को जनता ने चुना। अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के तौर पर दो दशक पूरा होने पर एक आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, '2014 तक देश की जनता में बहुत बड़ा प्रश्न आ गया था कि क्या बहुपक्षीय लोकतांत्रिक संसदीय व्यवस्था सफल हो सकती है?

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, 'भारत की आजादी को 75 वर्ष हो गए हैं। जब हम आजाद हुए, हमारे देश की संविधान सभा बनी, संविधान सभा ने मल्टी पार्टी डेमोक्रेटिक सिस्टम को स्वीकार किया। बहुत सोच समझकर स्वीकार किया था जो उचित फैसला था।' उन्होंने आगे कहा, 'इतना बड़ा देश, इतनी विविधताओं वाला देश, किसी व्यक्ति के आधार पर चुन कर नहीं आना चहिए। मल्टी पार्टी डेमोक्रेटिक सिस्टम होना चाहिए, हर पार्टी की एक आईडियोलॉजी होनी चाहिए।'

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री शाह ने एक राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इसमें वे सरकार के प्रमुख के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी के दो दशकों के बारे में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'साल 2014 आते-आते देश में राम-राज की परिकल्पना ध्वस्त हो चुकी थी। जनता के मन में ये आशंका थी कि कहीं हमारी बहुपक्षीय लोकतांत्रिक संसदीय व्यवस्था फेल तो नहीं हो गई। लेकिन देश की जनता ने धैर्य से फैसला देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को पूर्ण बहुमत के साथ देश का शासन सौंपा।

अमित शाह ने कहा, 'मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब उन्होंने कई सारे बदलाव लाने का प्रयास किया। बहुत सारे कार्य उन्होंने गुजरात में किए। रिफार्म्स, पारदर्शिता पर उन्होंने काम किए। उन्होंने वहां सर्व स्पर्शी और सर्व समावेशक विकास की शुरुआत की।'

शाह ने मनमोहन सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव के पहले मनमोहन सरकार 10 वर्ष समाप्त कर चुकी थी। मनमोहन सिंह की सरकार में कैबिनेट के मंत्री खुद को ही प्रधानमंत्री मानते थे। देश के लिए कोई पालिसी नहीं थी, देश की सुरक्षा पर कोई बात नहीं होती थी, रोज एक नया भ्रष्टाचार सामने आता था।

उन्होंने कहा, लगता था कि कभी भी हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। लेकिन तब भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किया। तभी लोगों के अंदर का आक्रोश आशा में परिवर्तित होता दिखने लगा। अमित शाह बोले कि नरेंद्र मोदी ने योजनाएं बनाते वक्त उसके साइज और स्केल को बदल दिया। उदाहरण के तौर पर 'अगर पहले किसी योजना में ये कहा जाता था कि 10,000 लोगों को पक्का घर देंगे। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने निर्णय किया कि हम 2022 के पहले सभी को पक्का घर देंगे।'

अमित शाह ने आगे कहा िक मैं पहली बार संघ की शाखा में 12 मार्च 1980 को गया था, तब से लेकर मैं अनुच्छेद 370 और 35ए हटाएंगे-हटाएंगे सुनता था। 2019 को मोदी सरकार को अपार जनसमर्थन मिला और 5 अगस्त 2019 को कश्मीर से हमेशा के लिए अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त किया गया।

गृह मंत्री आगे कहते हैं, 'विश्व पटल भारत की संस्कृति का देवदूत बनकर पीएम मोदी ने योग को 177 देशों की सहमति लाकर आज हमारे योग, आर्युवेद को दुनिया भर में पहुंचाने का काम किया है।'

उन्होंने आगे कहा कि आज GeM के माध्यम से लगभग सभी सरकारी खरीद भ्रष्टाचार-विहीन हो गई है। GeM का दायरा और बढ़ने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहुत बड़ा अभियान शुरु किया है।

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