अमित शाह ने गांधीजी की 150वीं जयंती को मनाने के लिए की तैयारियों की समीक्षा

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अलग-अलग वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और भाजपा के सभी सांसदों व पार्टी पदाधिकारियों से बात की। मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्रियों को उन्होंने आर्थिक मंदी से उबरने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाकर विपक्ष के दुष्प्रचार का जवाब देने को कहा। वहीं सांसदों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के लिए पार्टी की ओर से की गई तैयारियों की समीक्षा की।

दरअसल चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के साथ-साथ 17 राज्यों में कुल 64 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की है। इसमें विपक्ष देश को आर्थिक मंदी को मुद्दा बना सकता है। आर्थिक मंदी को लेकर विपक्ष के नेताओं के बयान इस ओर साफ इशारा भी कर रहे हैं। यही कारण है कि अमित शाह के साथ-साथ निर्मला सीतारमण ने भी मुख्यमंत्रियों को आर्थिक मंदी से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से बताया।

अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों को कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में आम जनता को बताना जरूरी है और इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि विपक्ष आर्थिक मंत्री को लेकर लोगों को गुमराह करने में कामयाब नहीं हो पाए।

वहीं शाम को सभी राज्यों की राजधानी में भाजपा सांसदों और राज्य के पार्टी पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान अमित शाह ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को मनाने के लिए तय कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की।

शाह ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों, खासकर स्वच्छता और खादी को लेकर व्यापक कार्यक्रम चलाने को कहा। उनका कहना था कि गांधी के सही आदर्शो को लेकर पार्टी को हर गांव तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने को कहा। जिस क्षेत्र से भाजपा के सांसद नहीं हैं, वहां इसकी जिम्मेदारी पार्टी पदाधिकारी निभाएंगे।

ध्यान देने की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही सभी सांसदों को गांधी जयंती दो अक्टूबर से सरदार पटेल जयंती 31 अक्टूबर के बीच अपने-अपने क्षेत्रों में 150 किलोमीटर की यात्रा करने का निर्देश दे चुके हैं। 

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