आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सर्बिया ने भारत के रुख का किया समर्थन, जानें क्‍या कहा

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सर्बिया ने खुलकर भारत का समर्थन किया है। सर्बिया के विदेश मंत्री निकोला सेलाकोविक (Serbian Foreign Minister Nikola Selakovic) ने सोमवार को कहा कि अच्छा या बुरा आतंकवाद जैसा कुछ भी नहीं होता है।

Krishna Bihari SinghMon, 20 Sep 2021 10:14 PM (IST)
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सर्बिया ने खुलकर भारत का समर्थन किया है।

नई दिल्‍ली, पीटीआइ। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सर्बिया ने खुलकर भारत का समर्थन किया है। सर्बिया के विदेश मंत्री निकोला सेलाकोविक (Serbian Foreign Minister Nikola Selakovic) ने सोमवार को कहा कि अच्छा या बुरा आतंकवाद जैसा कुछ भी नहीं होता है। हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के रुख का समर्थन करते हैं। सेलाकोविक (Nikola Selakovic) ने भारतीय वैश्विक परिषद में भारत-सर्बिया संबंधों पर कहा कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं। 

सर्बिया के विदेश मंत्री निकोला सेलाकोविक (Serbian Foreign Minister Nikola Selakovic) का यह बयान विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक के एक दिन बाद आई है। इस बैठक को लेकर जानकारी दी गई थी कि दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग (खासकर आर्थिक क्षेत्र में) को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। सेलाकोविक ने कहा कि भारतीय नेताओं के उनकी उत्‍साहजनक बैठकें हुई हैं। ये बैठकें द्विपक्षीय संबंधों के उन्नयन पर केंद्रित थीं।

निकोला सेलाकोविक (Nikola Selakovic) ने कहा कि सर्बिया आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की स्थिति का सम्मान और समर्थन करता है। हम यह नहीं कह सकते हैं कि एक आतंकवाद अच्छा है और दूसरा आतंकवाद बुरा... आतंकवाद बुरा है जिसके खिलाफ हमें लड़ना है। भारत और सर्बिया साझा लक्ष्यों और मूल्यों को साझा करते हैं। इन मूल्‍यों और लक्ष्‍यों में से कई ऐसे हैं जिनकों लेकर गुटनिरपेक्ष देश आगे आए थे।

अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बारे में पूछे जाने पर सेलाकोविक ने कहा कि सर्बिया उन यूरोपीय देशों में शामिल है जो अफगानिस्तान में सैनिकों के साथ मौजूद नहीं था। हमारी सैद्धांतिक स्थिति है कि हम समस्याओं के कूटनीतिक और शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं। सर्बिया ने एक सैन्य-तटस्थ देश के रूप में अपनी स्थिति स्‍पष्‍ट कर दी है। सर्बिया नाटो का सदस्य नहीं बनेगा। अफगानिस्तान पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ भी बातचीत हुई है।

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