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करतारपुर कॉरिडोर के लिए शुरू नहीं हो सका ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन, यह है वजह

नई दिल्‍ली, प्रेट। गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर आने वाले श्रद्धालुओं का ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन रविवार को शुरू नहीं किया जा सका क्योंकि इस्लामाबाद द्वारा प्रत्येक तीर्थयात्री से 20 अमरीकी डालर वसूलने और यात्रियों की संख्‍या सहित कई मुद्दों पर भारत और पाकिस्तान अब तक सहमत नहीं हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारत और पाकिस्तान को तीर्थयात्रा के कुछ अनसुलझे मुद्दों पर शनिवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर करना था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।   

 एक आधिकारिक ने बताया कि चूंकि कुछ मुद्दों को हल किया जाना बाकी है, इसलिए करतारपुर तीर्थयात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण रविवार को शुरू नहीं किया जा सका। प्रमुख अनसुलझे मुद्दों में पाकिस्तान जाने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री से 20 डॉलर वसूलने और हर दिन तीर्थयात्रा का समय (पहली प्रविष्टि और अंतिम निकास समय) शामिल है। 16 अक्टूबर को लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव गोविंद मोहन ने कहा था कि 20 अक्टूबर को गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होने की उम्मीद है। बाकी बचे हुए पर मुद्दों पर एक समझौते के तहत हस्ताक्षर किए जाएंगे। 

भारत ने पाकिस्तान से प्रति तीर्थयात्री 20 डॉलर के शुल्क पर फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। विशेष अवसरों पर 10,000 तीर्थयात्रियों और एक भारतीय प्रोटोकॉल अधिकारी को प्रतिदिन करतारपुर आने वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने की अनुमति देने के लिए कहा है। ओसीआई (भारत की प्रवासी नागरिकता) कार्ड रखने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति भी करतार कॉरिडोर का उपयोग कर गुरुद्वारा आ सकते हैं। पाकिस्तान का भारत के अनुरोधों पर जवाब देना अभी बाकी है। यह भी तय किया गया था कि 5,000 तीर्थयात्री प्रतिदिन गुरुद्वारा जा सकते हैं और अतिरिक्त तीर्थयात्रियों को विशेष अवसरों पर अनुमति दी कसती है, जो पाकिस्तान की ओर से सुविधाओं की क्षमता के विस्तार के अनुसार होगा। 

भारत और पाकिस्तान ने यह भी तय किया है कि कॉरिडोर सप्ताह भर में सात दिनों में चालू होगा और तीर्थयात्रियों के पास इसे व्यक्तिगत या समूहों में यात्रा करने का विकल्प होगा। दोनों पक्ष सीमा के पास बुधि रवि चैनल पर एक पुल बनाने पर सहमत हुए हैं। 

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