अगले साल के मध्य में भारत का दौरा कर सकते हैं इजरायल के प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट

भारत में इजरायल के नवनियुक्त राजदूत नाओर गिलोन ने मंगलवार को बताया कि इजरायल के प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट अगले साल के मध्य में भारत का दौरा कर सकते हैं। गौरतलब है कि पिछले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजरायल दौरे के दौरान नाफ्ताली को भारत आने का निमंत्रण दिया था।

TaniskPublish:Tue, 16 Nov 2021 08:29 PM (IST) Updated:Tue, 16 Nov 2021 08:29 PM (IST)
अगले साल के मध्य में भारत का दौरा कर सकते हैं इजरायल के प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट
अगले साल के मध्य में भारत का दौरा कर सकते हैं इजरायल के प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट

नई दिल्ली, एएनआइ। भारत में इजरायल के नवनियुक्त राजदूत नाओर गिलोन ने मंगलवार को बताया कि इजरायल के प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट अगले साल के मध्य में भारत का दौरा कर सकते हैं। गौरतलब है कि पिछले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजरायल दौरे के दौरान नाफ्ताली को भारत आने का निमंत्रण दिया था। गिलोन ने बेनेट की भारत की अपेक्षित यात्रा पर भी जानकारी देते हुए कहा कि बेनेट अगले साल दौरा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, ' उम्मीद है कि यह दौरान अगले साल की शुरुआत में नहीं, लेकिन शायद अगले वर्ष के मध्य में हो सकता है। यह हमारे अद्भुत और बढ़ते संबंधों में एक और महत्वपूर्ण बेंचमार्क है। इससे पहले ग्लासगो में काप 26 जलवायु शिखर सम्मेलन में इजरायल के प्रधानमंत्री बेनेट ने पीएम मोदी को 'इजरायल में सबसे लोकप्रिय व्यक्ति' कहा था। उन्होंने ट्विटर पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक वीडियो शेयर किया था।

इजरायल, भारत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और संयुक्त राज्य अमेरिका (US) में आगे सहयोग की बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के बीच विशेष संबंध हैं। इसलिए पूरा त्रिकोण बहुत मजबूत है। अगर इसमें अमेरिका को जोड़ दिया जाए, तो मुझे लगता है कि यह आगे सहयोग के लिए एक बड़ी संभावना है।

गिलोन ने आगे कहा कि भारत, इजरायल, यूएई और अमेरिका बुनियादी ढांचे पर एक साथ काम कर रहे हैं। यह कुछ ऐसा है जो बहुत मददगार हो सकता है, क्योंकि अब हमारे बीच अब्राहम समझौता है। इससे खाड़ी देश, और  मोरक्को और सूडान भी, इजरायल के करीब आ रहे हैं। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआइ से बात करते हुए भारत और इजरायल के बीच भविष्य के सहयोग पर भी टिप्पणी की। इसे लेकर उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अतिरिक्त क्षमता मुख्य रूप से नवाचार (Innovation) है। इजरायल नवाचार के मामले में विश्व में सबसे आगे है और मजबूत औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ भारत नवाचार में मजबूत है।