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ओडिशा सरकार का बयान, दुती चंद पर 5 साल में खर्च किए 4 करोड़ से ज्यादा रुपये

भुवनेश्वर, पीटीआइ। भाारतीय धाविका दुती चंद हाल ही में अपने BMW को बेचकर टोक्यो ओलंपिक की तैयारी करने की बात कही थी। अब ओडिशा सरकार और दूती के बाद पैसों को लेकर मदभेद नजर आ रहा है। सरकार ने गुरुवार को रहस्योद्घाटन किया कि उसने 2015 से दुती चंद को 4.09 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है, लेकिन इस स्टार धाविका ने इसे गलत बताया।

ओडिशा सरकार के खेल एवं युवा मामलों के विभाग के अनुसार, दुती को राज्य सरकार से (2015 के बाद) मुहैया कराया गया कुल वित्तीय सहयोग 4.09 करोड़ रुपये है। तीन करोड़ एशियन गेम्स 2018 में जीते गए पदकों के लिए वित्तीय अनुदान, 2015-19 के दौरान 30 लाख रुपये ट्रेनिंग और वित्तीय सहयोग और टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों की ट्रेनिंग के लिए दो किस्तों में जारी किए गए 50 लाख रुपये हैं।

इस पर दुती ने कहा, 'मैं इतने साल तक सहयोग करने के लिए ओडिशा सरकार की ऋणी हूं, लेकिन यह चार करोड़ रुपये सही चीज नहीं है। तीन करोड़ वो पुरस्कार राशि है जो ओडिशा सरकार ने मुझे 2018 एशियन गेम्स में दो रजत पदक जीतने के लिए दी थी। यह उसी तरह है जिस तरह पीवी सिंधू या किसी अन्य पदक विजेता को राज्य सरकार जैसे हरियाणा या पंजाब से मिलती है। इसे ट्रेनिंग के लिए वित्तीय सहायता के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।'

ओडिशा सरकार ने यह भी कहा कि उसने दुती को ओडिशा खनन कॉरपोरेशन (ओएमसी) में ग्रुप ए स्तर का अधिकारी नियुक्त किया जिससे उसे अपनी ट्रेनिंग और वित्तीय प्रोत्साहन के लिए 29 लाख रुपये की राशि मिली। दुती ने कहा, 'इस 29 लाख रुपये में मेरा वेतन भी शामिल है और मुझे नहीं पता कि यह ट्रेनिंग सहयोग के लिए कैसे है। मैं ओएमसी की कर्मचारी हूं और मुझे मेरा वेतन मिलेगा। मुझे यह पता करना होगा।'

सरकार के बयान के अनुसार, 24 साल की इस खिलाड़ी का हर महीने का वेतन 84604 रुपये है, जबकि बुधवार को दुती ने दावा किया था कि उसे 60000 रुपये मिलते हैं।

 

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