किसान अधिकार आंदोलन 72 घंटे के लिए स्थगित

किसान अधिकार आंदोलन 72 घंटे के लिए स्थगित

किसान अधिकार को लेकर गुरुवार से शुरू भाजपा का आंदोलन अगले 72 घंटे के लिए स्थगित रखा गया है। इस समय के दौरान अगर किसानों की मंडी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो भाजपा फिर से आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगी ऐसा बरगढ़ के सांसद सुरेश पुजारी और संबलपुर के विधायक जयनारायण मिश्र ने उत्तरांचल राजस्व आयुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों को बताया है।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 05:00 AM (IST) Author: Jagran

संवाद सूत्र, संबलपुर : किसान अधिकार को लेकर गुरुवार से शुरू भाजपा का आंदोलन अगले 72 घंटे के लिए स्थगित रखा गया है। इस समय के दौरान अगर किसानों की मंडी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो भाजपा फिर से आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगी, ऐसा बरगढ़ के सांसद सुरेश पुजारी और संबलपुर के विधायक जयनारायण मिश्र ने उत्तरांचल राजस्व आयुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों को बताया है।

किसान अधिकार को लेकर भाजपा नेताओं के तेवर और टाउन थाना में उनके डेरा जमाकर बैठे रहने के बाद शुक्रवार को स्थानीय उत्तरांचल राजस्व आयुक्त कार्यालय में बैठक हुई। इसमें राजस्व आयुक्त निरंजन साहू, उत्तरांचल पुलिस डीआइजी नरसिंह भोल, संबलपुर जिलाधीश शुभम सक्सेना और पुलिस अधीक्षक बाटुला गंगाधर के साथ भाजपा नेताओं ने घंटेभर बैठक की और उन्हें किसानों को मंडियों में हो रही समस्याओं से छुटकारा दिलाए जाने की मांग की। भाजपा ने अफसोस जताया कि मंडियों में अव्यवस्था की वजह से अब भी जिले के कई मंडियों में किसानों के लाखों बोरे धान बिना बिके पड़े हैं। इस बारे में बारंबार गुहार के बावजूद सरकार कुछ नहीं कर रही।

इस बैठक के बाद, बरगढ़ सांसद सुरेश पुजारी ने मीडिया को बताया कि मंडियों में धान संग्रह की प्रक्रिया को दो हिस्सों में रखकर चर्चा की गई। राजस्व आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में आने वाले किसानों की समस्याओं को उनके स्तर पर समाधान करने और अन्य समस्याओं का समाधान सरकार द्वारा किए जाने को लेकर चर्चा हुई। राजस्व आयुक्त ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली समस्याओं का समाधान किए जाने का आश्वासन दिया है। उनके इस आश्वासन के बाद आंदोलन को 72 घंटों के लिए स्थगित रखा गया है।

उधर, संबलपुर विधायक जयनारायण मिश्र ने बैठक के बाद बताया कि आंदोलन को भले ही स्थगित रखा गया है, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। अगर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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