देश में समान नागरिक संहिता लागू हो :कुसुम

देश में समान नागरिक संहिता की जरूरत को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से महत्वपूर्ण टिप्पणी दी गई हे।

JagranFri, 30 Jul 2021 09:44 PM (IST)
देश में समान नागरिक संहिता लागू हो :कुसुम

जागरण संवाददाता, राउरकेला : देश में समान नागरिक संहिता की जरूरत को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से महत्वपूर्ण टिप्पणी दी गई हे। देश में समान नागरिक संहिता शीघ्र लागू करने की मांग को लेकर विश्व हिदू परिषद के वरिष्ठ नेता शांतनु कुसुम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर शीघ्र संसद में विधेयक पारित कराने का अनुरोध किया है।

शांतनु कुसुम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में धर्म के आधार पर अलग-अलग कानून होना ठीक नहीं है। देश में विभिन्न जाति, धर्म समुदाय से जुड़े लोग हैं। इनके बीच तालमेल धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। कुछ कानून इनके बीच समानता में भेद उत्पन्न कर रहे हैं। समान नागरिक कानून नहीं होने के कारण धर्म व जाति में विवाह, तलाक, संपत्ति पर अधिकार को लेकर कई तरह की समस्या उत्पन्न हो रही है। देश के संविधान के बनने के 71 साल बाद भी देश में सभी के लिए समान कानून सुनिश्चित नहीं हो पाया है जो चिताजनक है। इसके अलावा संविधान के 44वें अनुच्छेद में उल्लेखित समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए। डा. भीमराव आंबेडकर जब खुद कानून मंत्री थे तब उन्होंने इसके लिए कई प्रयास किए थे पर किसी कारण से उन्हें सफलता नहीं मिली। समान नागरिक संहिता से नागरिक व मानव अधिकार की बात, विभिन्न संप्रदाय के बीच संहति एवं समन्वय होनी चाहिए। दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से इस पर दी गई टिप्पणी को सम्मान देने के साथ साथ आंबेडकर के अधूरे सपने को साकार करने के लिए संसद के चालू अधिवेशन में समान नागरिक संहिता को लेकर विधेयक पारित कराने का अनुरोध शांतनु कुसुम ने किया है।

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