सुंदरगढ़ जिले की सभी पंचायतें बनेंगी बाल हितैषी

बच्चे और किशोर देश का भविष्य हैं। इसलिए उनके जीवन और सपनों की रक्षा के लिए हमारे समाज को बच्चों के उपयोगी बनाना होगा।

JagranPublish:Thu, 09 Dec 2021 06:31 AM (IST) Updated:Thu, 09 Dec 2021 06:31 AM (IST)
सुंदरगढ़ जिले की सभी पंचायतें बनेंगी बाल हितैषी
सुंदरगढ़ जिले की सभी पंचायतें बनेंगी बाल हितैषी

जागरण संवाददाता, राउरकेला : बच्चे और किशोर देश का भविष्य हैं। इसलिए उनके जीवन और सपनों की रक्षा के लिए हमारे समाज को बच्चों के उपयोगी बनाना होगा। बच्चों के अधिकार को सुनिश्चित करने के साथ उनके जीवन के पूर्ण विकास के लिए अनुकूल परिवेश बनना होगा। सुंदरगढ़ जिला प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के लिए बाल हितैषी सुंदरगढ़ कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस अभिनव कार्यक्रम को सुंदरगढ़ जिला खनिज संस्थान द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है। जिले की सभी 279 ग्राम पंचायतों को बाल हितैषी बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सुंदरगढ़ जिला प्रशासन का इस तरह का यह कार्यक्रम पूरे देश में पहला है। इस नए कार्यक्रम के संचालन के लिए जिले के 8 प्रखंडों का प्रभार स्वयंसेवी संस्था यूथ फॉर सोशल डेवलपमेंट तथा 9 प्रखंडों के लिए दिशा संस्था को जिम्मा सौंपा गया है। जिले के सभी 17 प्रखंडों के लिए इन स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से नियुक्त प्रखंड समन्वयकों एवं परियोजना कर्मचारियों के सहयोग से बिसरा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रखंड समन्वयक जमीनी स्तर पर जुटाएंगे जानकारी : इसका उद्घाटन जिला खनिज संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश्वर चंद्र नायक ने किया। कहा कि सुंदरगढ़ जिले को बाल हितैषी बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। ब्लॉक समन्वयक बच्चों के विकास के लिए सभी संकेतकों या मानदंडों के आधार पर जमीनी स्तर से जानकारी एकत्र करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न विभाग अपने बाल कल्याण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेंगे। ये समन्वयक बाल विकास प्रक्रिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों और डॉक्टरों जैसे स्थानीय हितधारकों को शामिल करेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर माता-पिता, स्कूल प्रबंधन समितियों, माता समितियों, पंचायत प्रतिनिधियों और विभिन्न सेवा प्रदाताओं के साथ एक 'बाल अधिकार समिति' का गठन किया जाएगा। समिति बच्चों के लिए पौष्टिक खाना, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दों के समाधान के लिए कदम उठाएगी। इसे लेकर होने वाली बैठकों में बच्चों को सिखाया जाएगा कि वे अपने मुद्दों को कैसे पेश करें।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना उद्देश्य : बाल हितैषी सुंदरगढ़ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना, बाल विवाह को समाप्त करना, बाल श्रम को समाप्त करना, बाल तस्करी को रोकना और किसी भी प्रकार के बाल शोषण को रोकना है। इसी तरह बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करने और बच्चों को स्कूल छोड़ने से रोकने के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे। इसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक बच्चे को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से विकसित होने का अवसर देने के लिए सही वातावरण बनाना है। सुंदरगढ़ जिले में माताओं और बच्चों के विकास के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। इसी तरह बच्चों के पालन-पोषण के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए गए हैं। इसलिए नया कार्यक्रम इस बात पर केंद्रित होगा कि प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इन सभी कार्यक्रमों से बच्चे कैसे लाभ उठा सकते हैं।

जीपीडीपी तैयारी में बच्चों की मुद्दों को प्राथमिकता : इस कार्यक्रम के लागू होने से अब ग्राम पंचायत स्तरीय विकास योजना (जीपीडीपी) की तैयारी में बच्चों के मुद्दे को प्राथमिकता दी जाएगी। बच्चों के विकास के लिए विभिन्न प्रस्तावों को ग्राम परिषद में पारित किया जाएगा और उसके लिए बजट बनाया जाएगा। बाल हितैषी सुंदरगढ़ कार्यक्रम का समुचित प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग समितियां तीन स्तरों पर कार्य करेंगी। पंचायत स्तर पर सरपंचों के नेतृत्व में समितियां होंगी। इसी तरह प्रखंड स्तर पर प्रखंड अध्यक्ष की अध्यक्षता में समिति व बीडीओ सभी पंचायतों में बच्चों के विकास की निगरानी करेंगे। जिलापाल की अध्यक्षता में समिति पूरे जिले में कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी। सुंदरगढ़ जिले में इस तरह के एक अभिनव कार्यक्रम को लागू करने से भविष्य में बच्चों के लिए व्यापक अवसर सुनिश्चित होंगे। इसी तरह, स्थानीय लोग, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न सेवा प्रदाता और प्रशासन उनकी विभिन्न समस्याओं से अवगत होंगे और समाधान के साथ आएंगे। परिणामस्वरूप, सुंदरगढ़ जिले में बच्चों का विकास एक दीर्घकालिक कार्यक्रम बन सकता है।